ईडी की 24 घंटे से ज्यादा चली तलाशी, नदीमुल हक से जुड़े लेनदेन की जांच तेज

HIGHLIGHTS
- तलाशी के दौरान बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच की गई
- एजेंसी हवाला चैनलों के संभावित इस्तेमाल की भी पड़ताल कर रही है
- फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टीएमसी के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक और उनसे जुड़े एक उर्दू अखबार के ठिकानों पर 24 घंटे से अधिक समय तक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई सात सितंबर की सुबह शुरू हुई और मंगलवार तड़के समाप्त हुई। ईडी अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन में कथित वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। इन लेनदेन के समर्थन में जरूरी रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके। अब एजेंसी इन पैसों की पूरी लेनदेन कड़ी की जांच कर रही है।
60 करोड़ रुपये के लेनदेन पर ईडी को क्या संदेह?
ईडी कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कुछ रकम हवाला चैनलों के जरिए भेजी गई थी। जांचकर्ताओं को करीब 60 करोड़ रुपये के ऐसे लेनदेन मिले, जिनसे जुड़े संतोषजनक रिकॉर्ड उन्हें तत्काल नहीं मिले।
अब जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि ये लेनदेन वास्तविक कारोबारी गतिविधियों से जुड़े थे या रकम को अनौपचारिक माध्यमों के जरिए इधर-उधर किया गया।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की। कोलकाता स्थित आवास और कार्यालय में नदीमुल हक से भी पूछताछ की गई। ईडी इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए पैसों की आवाजाही को समझने का प्रयास कर रही है।
क्या टीएमसी से जुड़े फंड की भी जांच हो रही है?
ईडी की जांच में टीएमसी से जुड़े फंड की कथित आवाजाही को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के एक हिस्से में यह पता लगाया जा रहा है कि अखबार से जुड़े लेनदेन और टीएमसी से जुड़े पैसों के बीच कोई संबंध था या नहीं।
हालांकि, एजेंसी ने इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। तलाशी अभियान शुरू होने के समय नदीमुल हक रांची में थे। सोमवार रात उन्हें कोलकाता लाया गया। इसके बाद उनके आवास और कार्यालय में तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ की गई।
ईडी ने कहां-कहां की तलाशी?
ईडी ने कोलकाता के अलावा दिल्ली और रांची में भी तलाशी अभियान चलाया। कुल सात अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इनमें कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार का कार्यालय और नदीमुल हक से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।
यह मामला बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एक एफआईआर से शुरू हुआ था। इसके बाद ईडी ने भी मामले में एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट यानी ईसीआईआर दर्ज की। केस में अवैध और बिना हिसाब वाले वित्तीय लेनदेन के साथ संदिग्ध स्रोतों से रकम मिलने के आरोपों की जांच की जा रही है।
क्या अब तक किसी की गिरफ्तारी हुई?
फिलहाल ईडी ने इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच में जुटी है। जांच का उद्देश्य लेनदेन की पूरी कड़ी का पता लगाना और यह समझना है कि रकम का स्रोत और उसकी प्रकृति क्या थी।
अब जांच में यह देखा जाएगा कि करीब 60 करोड़ रुपये से जुड़े लेनदेन वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का हिस्सा थे या इनके लिए अनौपचारिक वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर ईडी मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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