हजारीबाग में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्धों के बीच मुठभेड़, दो गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- पुलिस को बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी की सूचना मिली थी।
- वाहन जांच के दौरान तीन संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे।
- जंगल में संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की।
झारखंड में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में हजारीबाग जिले में देर रात पुलिस और कुख्यात राहुल दुबे गैंग के संदिग्ध सदस्यों के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में दो संदिग्ध अपराधी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए सदर अस्पताल हजारीबाग भेज दिया है। वहीं, एक अन्य संदिग्ध अपराधी जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
बड़ी वारदात की तैयारी में थे संदिग्ध
पुलिस के मुताबिक, गिद्दी थाना क्षेत्र के कोलियारी और ट्रांसपोर्ट रोड के आसपास किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए राहुल दुबे गैंग के कुछ सदस्यों के पहुंचने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि और कार्रवाई के लिए गिद्दी थाना, उरीमारी ओपी और सशस्त्र बल की टीम रवाना हुई। पुलिस ने पुराना कांटा घर रोड के आसपास सघन वाहन जांच शुरू की।
पुलिस को देखकर बाइक से भागने लगे
इसी दौरान करीब 3:50 बजे भुरकुंडा की तरफ से एक मोटरसाइकिल पर तीन लोग आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे बाइक मोड़कर भागने लगे। इसी दौरान उनकी मोटरसाइकिल गिर गई और तीनों जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस के अनुसार, जंगल से संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्ध गोली लगने से घायल हो गए।
दो गिरफ्तार, एक जंगल में फरार
घायल संदिग्धों की पहचान बादल कुमार और मोहित कुमार उर्फ पीटर के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल हजारीबाग भेजा गया है। वहीं, तीसरा संदिग्ध जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस जंगल और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है।
हथियार और कारतूस समेत कई सामान बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से दो हथियार, कारतूस और खोखे, आपत्तिजनक पर्चे, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद सामान के साथ ही पुलिस मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
एसडीपीओ के नेतृत्व में चला अभियान
छापामारी अभियान का नेतृत्व बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद ने किया। टीम में गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन, बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव और पुलिस के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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