'पति के सम्मान के लिए आखिरी सांस तक लड़ूंगी', आगरा में DSM की पत्नी ने रोते हुए लगाई गुहार

HIGHLIGHTS
- आगरा कैंट स्टेशन पर DSM नरेंद्र चाहर से कथित मारपीट के विरोध में परिवार और रेलवे कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।
- महिलाओं ने ट्रैक पर उतरकर आरपीएफ जवानों पर कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की।
- रेलवे कर्मचारियों ने कार्रवाई नहीं होने पर ट्रेन संचालन प्रभावित करने की चेतावनी दी है।
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उप स्टेशन प्रबंधक (DSM) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में नरेंद्र चाहर का परिवार और रेलवे कर्मचारी सड़क पर उतर आए हैं।
डीआरएम कार्यालय में नरेंद्र की पत्नी ने पति के सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कही। वहीं, उनकी बहन समेत कई महिलाएं कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचीं और आरपीएफ जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ट्रैक पर बैठ गईं। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाएं रेलवे पटरी पर लेट गईं।
आरपीएफ कर्मियों की बर्खास्तगी की मांग
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरपीएफ जवानों को बर्खास्त करने की मांग उठाई। मामले को लेकर रेलवे कर्मचारियों में भी नाराजगी है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे ट्रेनों का संचालन प्रभावित कर सकते हैं।
डीआरएम गगन गोयल ने कर्मचारियों से बातचीत करते हुए मामले के समाधान के लिए एक से दो घंटे का समय मांगा है। वहीं, नरेंद्र चाहर के समर्थन में स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में जुट गए हैं।
रविवार को प्लेटफॉर्म पर हुआ था विवाद
यह पूरा मामला रविवार सुबह करीब 11 बजे का है। आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हीराकुंड एक्सप्रेस खड़ी थी। ट्रेन के रवाना होने के कुछ समय बाद वह अचानक रुक गई।
आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन, आरक्षी जितेंद्र और बदन सिंह समेत अन्य जवान बी-3 कोच में पहुंचे। जवानों ने चेन पुलिंग के आरोप में भुवनेश्वर निवासी यात्री आशीष कुमार और उनकी पत्नी रंजीता को पकड़ लिया।
इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद DSM नरेंद्र चाहर ने मामले में हस्तक्षेप किया।
यात्री ने दी थी अलग जानकारी
नरेंद्र चाहर ने आरपीएफ जवानों को बताया था कि महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही थी, जिससे हादसा हो सकता था। उन्होंने इसी आशंका के चलते गार्ड से संपर्क कर ट्रेन रुकवाने की बात कही थी।
वहीं यात्री आशीष कुमार ने भी बताया था कि उनकी पत्नी ट्रेन रुकने के दौरान कुछ सामान लेने नीचे उतरी थीं। इसी बीच ट्रेन चलने लगी और घबराहट में उन्होंने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया।
कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप
आरपीएफ जवानों का आरोप था कि बी-3 कोच में चेन पुलिंग की गई थी। इसी बात को लेकर DSM नरेंद्र चाहर और आरपीएफ कर्मियों के बीच बहस हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरपीएफ जवानों ने नरेंद्र चाहर का कॉलर पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्हें आरपीएफ थाने ले जाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उन्हें प्लेटफॉर्म तक घसीटे जाने का भी आरोप लगाया गया।
घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल मामले को लेकर रेलवे प्रशासन और कर्मचारियों के बीच तनाव बना हुआ है।
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