अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत छह आरोपी दोषी करार, भाजपा ने आप को घेरा

HIGHLIGHTS
- अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत छह आरोपियों को दोषी करार दिया।
- अदालत ने ताहिर हुसैन को हत्या, दंगा, घातक हथियार रखने और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी पाया, जबकि साजिश के आरोप से बरी किया।
- फैसले के बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत छह आरोपियों को दोषी ठहराया है। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने मामले में फैसला सुनाया।
अदालत ने ताहिर हुसैन को हत्या (आईपीसी धारा 302) सहित कई गंभीर धाराओं के तहत दोषी पाया। इसके अलावा उसे दंगा फैलाने, घातक हथियार रखने, सरकारी आदेश की अवहेलना, धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाने, सामूहिक अपराध और अवैध रूप से किसी व्यक्ति को बंधक बनाने जैसे आरोपों में भी दोषी करार दिया गया है।
हालांकि, कोर्ट ने ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश रचने और लोकसेवक के रूप में अपराध करने के आरोपों से बरी कर दिया।
भाजपा ने आप पर साधा निशाना
ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि अंकित शर्मा हत्याकांड एक बड़ी साजिश का हिस्सा था और ताहिर हुसैन इस मामले में सिर्फ एक कड़ी है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के पीछे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन को तत्कालीन आप नेताओं का समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों तक कानून को पहुंचना चाहिए और जांच आगे बढ़नी चाहिए।
भाजपा सांसद गौरव भाटिया का केजरीवाल पर हमला
भाजपा सांसद गौरव भाटिया ने भी इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन को अब भी राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
भाटिया ने कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर भी आरोप लगाए कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर माहौल खराब किया गया था।
2020 दिल्ली दंगों में हुई थी अंकित शर्मा की मौत
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़की थी। इसी दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने ताहिर हुसैन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत के फैसले के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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