भारत और फ्रांस मिलकर AI में रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करेंगे: मैक्रों

नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि भारत और फ्रांस, साथ ही पूरे यूरोप, अमेरिका या चीन के AI मॉडल पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहते। उनका कहना है कि दोनों देशों में AI में रणनीतिक आत्मनिर्भरता हासिल करने का दृढ़ संकल्प है।
मैक्रों ने स्पष्ट किया, "मैं मानता हूं कि भारत, फ्रांस और यूरोप में हमारी प्राथमिकता यह है कि हम किसी एक देश के मॉडल पर भरोसा करके अपने निर्णय सीमित न करें। हमें एक व्यापक और संतुलित AI ढांचा चाहिए।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है और कुछ बड़ी कंपनियां व देश बाजार पर दबदबा बनाए हुए हैं। मैक्रों ने जोर दिया कि भारत, फ्रांस और यूरोप को ऐसे नियम और ढांचे तैयार करने होंगे जो संप्रभुता को प्राथमिकता दें और किसी एक देश या कंपनी पर आंख मूंदकर निर्भरता कम करें।
AI में आत्मनिर्भरता के लिए रणनीति:
मैक्रों ने AI में स्वतंत्रता पाने का रोडमैप भी पेश किया। उनका कहना है कि आवश्यक है कि डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता और देश में प्रशिक्षित प्रतिभाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि प्रतिभा और पूंजी के निवेश का मामला है।"
मैक्रों ने स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन के मुकाबले भारत और फ्रांस अभी पीछे हैं, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश इस रेस में शामिल हैं और स्वायत्त AI क्षमताओं के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
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