CJP और सरकार के बीच बातचीत की पहल, जेपी नड्डा से मिलेंगे पार्टी प्रतिनिधि

HIGHLIGHTS
- संसद मार्च से पहले CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत की संभावना बनी, पार्टी प्रतिनिधियों की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात हो सकती है।
- CJP ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांगों पर वह सरकार के साथ चर्चा के लिए तैयार है।
- दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, जबकि जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके और अन्य कार्यकर्ता सोमवार, 20 जुलाई को संसद की ओर विरोध मार्च निकालने वाले थे। इसे देखते हुए दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि CJP और सरकार के बीच बातचीत हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने CJP नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, CJP के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने भी कहा कि सरकार ने उनसे बातचीत के लिए संपर्क किया है।
जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे CJP प्रतिनिधि
जानकारी के अनुसार, CJP की ओर से आशुतोष रांका और सौरभ दास केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार ने सोमवार सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। साथ ही CJP ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पहले से तय हैं और इन्हीं मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा की जाएगी।
चर्चा के लिए तैयार है CJP
सौरभ दास ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में बदलाव की लंबे समय से उठाई जा रही मांगों को लेकर CJP सरकार से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह पहल देर से हुई है, लेकिन समाधान निकालने के लिए पार्टी चर्चा करने को तैयार है।
धर्मेंद्र प्रधान से मिले अमित शाह
एक ओर सरकार और CJP के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की है। संसद सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूख हड़ताल समाप्त करने पर वांगचुक का रुख
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा था कि यदि सरकार शिक्षा प्रणाली की हालिया विफलताओं, जिनमें पेपर लीक के मामले भी शामिल हैं, की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या सांसद यह आश्वासन देते हैं कि मानसून सत्र के दौरान शिक्षा जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा होगी, तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से तीन शर्तें साझा की थीं, जिनके पूरा होने पर वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
इससे पहले जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया था। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के चलते राजधानी के कई हिस्सों में यातायात भी प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
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