कांवड़ यात्रा: हरिद्वार में भारी वाहनों की एंट्री बंद, भीड़ बढ़ते ही लागू हुआ डायवर्जन

HIGHLIGHTS
- कांवड़ मेले के दूसरे चरण में हरिद्वार में नया यातायात प्लान लागू किया गया।
- भारी वाहनों को 11 अगस्त तक हाईवे पर प्रवेश नहीं मिलेगा।
- श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर हरिद्वार आने वाले वाहनों का पूर्ण डायवर्जन किया जा सकता है।
हरिद्वार। पंचक समाप्त होने के बाद कांवड़ मेला अब दूसरे चरण में पहुंच गया है। इसके साथ ही पुलिस ने यातायात योजना का दूसरा चरण भी लगभग लागू कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब हाईवे पर रात के समय भी भारी वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा। भारी वाहनों को हाईवे पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर डायवर्जन प्लान लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।
कांवड़ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया था, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
इस योजना के तहत चार अगस्त तक भारी वाहनों को रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक ही हाईवे पर चलने की अनुमति थी। अब पांच अगस्त यानी बुधवार से 11 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।
सात अगस्त से बढ़ सकता है भीड़ का दबाव
पुलिस को सात अगस्त से हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसके बाद हरिद्वार आने वाले वाहनों को पूरी तरह डायवर्ट करने की तैयारी है।
ऐसी स्थिति में वाहनों को मंगलौर से लक्सर की ओर भेजा जाएगा। वहां से वाहन कनखल होते हुए बैरागी कैंप और दक्ष मंदिर के पीछे स्थित मैदान में पार्क कराए जाएंगे।
हालांकि, अभी भी जरूरत के अनुसार कुछ वाहनों को मंगलौर से लक्सर डायवर्ट कर हरिद्वार भेजा जा रहा है।
भीड़ बढ़ने पर सात अगस्त से पहले भी कभी भी 100 प्रतिशत डायवर्जन लागू किया जा सकता है।
एसएसपी नवनीत सिंह ने श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे तय रूट, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें। यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी जरूर लें, ताकि जाम और परेशानी से बचा जा सके।
सामान्य यातायात और कांवड़ वाहनों के लिए अलग रूट
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मंगलौर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, सहारनपुर, देहरादून, ऋषिकेश, नैनीताल और नजीबाबाद से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
कांवड़ वाहनों के लिए भी अलग रूट तय किए गए हैं।
सहारनपुर और यमुनानगर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहन मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला इमरती, लक्सर और एसएम तिराहे से होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग पहुंचेंगे।
वहीं, यातायात का दबाव बढ़ने पर दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले कांवड़ वाहनों को रामपुर तिराहा, कोलकी टोल प्लाजा, बड़कलां और मंडावर होते हुए इसी मार्ग से बैरागी कैंप पार्किंग भेजा जाएगा।
कांवड़ वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था
मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को चिड़ियापुर, गैंडीखाता और 4.2 डायवर्जन से गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहन नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर होते हुए चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग तक पहुंचेंगे।
बैरागी कैंप में पार्क किए गए कांवड़ वाहनों की निकासी श्मशान घाट पुल, श्रीयंत्र पुल, बूढ़ी माता तिराहा, देशरक्षक और सिंहद्वार होते हुए हाईवे की ओर कराई जाएगी।
रोडवेज और निजी बसों के लिए भी अलग व्यवस्था
रोडवेज और निजी बसों के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाली बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से मंडावर और अब्दुल कलाम चौक होते हुए ऋषिकुल मैदान या निर्धारित पार्किंग तक भेजा जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली बसों को मोतीचूर पार्किंग में भेजा जाएगा। वहीं, नजीबाबाद रूट की बसों के लिए नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग तय की गई है।
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