सोनम वांगचुक के अनशन को मिला कपिल सिब्बल का समर्थन, बोले- सरकार को बातचीत करनी चाहिए

HIGHLIGHTS
- नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन 18वें दिन भी जारी है।
- राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील की।
- सिब्बल ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद जरूरी है और आमरण अनशन पर बैठे व्यक्ति की मांगों को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। उनके आंदोलन को अब राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल का समर्थन मिला है। सिब्बल ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अनशन के 18 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से संवाद की कोई पहल नहीं की गई है।
सरकार को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए: सिब्बल
कपिल सिब्बल ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल जैसे कदम उठाता है तो उसके पीछे कोई गंभीर कारण होता है। उन्होंने महात्मा गांधी के उपवासों का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास में कई बार अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध के तौर पर उपवास का सहारा लिया गया है।
उन्होंने कहा कि आमरण अनशन पर बैठे व्यक्ति की बात सुनना और उससे बातचीत करना सरकार की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान संवाद के जरिए ही निकाला जा सकता है।
अन्ना आंदोलन का दिया उदाहरण
सिब्बल ने अन्ना हजारे के जन लोकपाल आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरकार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की थी और उनकी बात सुनी थी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की चिंताओं को समझना और समाधान निकालना सरकार का दायित्व होता है।
उन्होंने चिंता जताई कि यदि सरकार किसी की बात सुनने से ही इनकार करने लगे तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए सही संकेत नहीं है। सिब्बल ने कहा कि मौजूदा समय में संवाद और सहमति की जरूरत पहले से ज्यादा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.