महाशिवरात्रि आज: व्रत, स्नान, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

नई दिल्ली। महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में शिव और पार्वती के मिलन का पावन पर्व है। इस साल 2026 में यह पर्व फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे समाप्त होगा। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। धार्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और संकल्प
पौराणिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना शुभ होता है। सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे के बीच स्नान करना अत्यंत फलदायी है। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें, अन्यथा घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर शिवलिंग के सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें। संकल्प लेते समय मन शांत रखें और शिवदेव से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें। इस दिन मन में किसी के प्रति द्वेष या कड़वाहट न रखें।
पूजा के शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि का मुख्य पूजन रात के समय किया जाता है। इस साल निशीथकाल पूजा का शुभ समय रात 12:09 से 01:01 बजे तक रहेगा। यह कुल 51 मिनट का समय साधना और आराधना के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। वहीं, चारों प्रहर की पूजा करने वाले भक्त शाम 06:11 बजे से अगले दिन सुबह 06:59 बजे तक पूजन कर सकते हैं। सही समय पर की गई पूजा से जीवन में स्थिरता, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
घर पर सरल पूजा विधि
घर पर शिवलिंग का अभिषेक करना सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। इसके लिए कच्चा दूध, गंगाजल, शहद और घी का उपयोग करें। अभिषेक के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप श्रद्धापूर्वक करें। इसके बाद शिवलिंग पर सफेद फूल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें। ध्यान रखें कि बेलपत्र स्वस्थ और पूर्ण हो। अंत में धूप और दीप जलाकर शिव और पार्वती की आरती करें। रात्रि जागरण और शिव चालीसा का पाठ आपके मानसिक बल और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ा सकता है।
व्रत और पारण का सही समय
महाशिवरात्रि का व्रत सात्विक और नियमपूर्वक रखें। इस दिन फलहार का सेवन करें और नमक व अन्न से परहेज करना शुभ माना जाता है। व्रत का पारण 16 फरवरी को सुबह 6:59 बजे से दोपहर 3:24 बजे तक किया जा सकता है। पारण से पहले किसी जरूरतमंद को दान या दक्षिणा देना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। ऐसा करने से व्रत और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
महाशिवरात्रि की पूजा और व्रत से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है और सभी बाधाओं से मुक्ति की संभावना बढ़ती है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी मान्यताओं और शास्त्रों पर आधारित है. दैनिक देहात इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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