सागर जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा, मेथेनॉल की मिलावट से तेजी से बिगड़ी तबीयत

HIGHLIGHTS
- बंडा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों तक शराब पहुंचने की बात सामने आई है।
- मेथेनॉल का इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों में किया जाता है।
- विशेषज्ञ के अनुसार शरीर में पहुंचने पर मेथेनॉल फॉर्मेलडिहाइड और फॉर्मिक एसिड में बदलता है।
सागर जिले के बंडा क्षेत्र के गांवों में नकली और जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। वहीं, करीब 109 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जहरीली शराब की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
इसी बीच शराब में मेथेनॉल मिलाए जाने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए शराब में मेथेनॉल की मिलावट की गई। लोगों का हाल जानने पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने भी शराब में मेथेनॉल मिलाए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मेथेनॉल मिलाने के बाद करीब 2200 रुपये कीमत वाली शराब की एक पेटी की लागत लगभग 700 रुपये रह जाती है। अधिक मुनाफे के लालच में ऐसी शराब खरीदकर बेची गई।
शरीर में पहुंचकर जहरीला हो जाता है मेथेनॉल
मेथेनॉल का इस्तेमाल सामान्य तौर पर औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। इसका उपयोग सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ रसायनों के निर्माण में होता है। शराब में इसकी मिलावट बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। इसे पीने के बाद व्यक्ति की तबीयत तेजी से बिगड़ सकती है और गंभीर स्थिति में उसकी मौत भी हो सकती है।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिसिन एवं पल्मोनरी विशेषज्ञ डॉ. सौरभ जैन के मुताबिक, शरीर में पहुंचने के बाद मेथेनॉल पहले फॉर्मेलडिहाइड और फिर फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है। ये पदार्थ शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं। इनके कारण आंखों, दिमाग और शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में सांस लेने में दिक्कत भी होने लगती है और व्यक्ति की सांसें उखड़ सकती हैं।
कई गांवों तक जहरीली शराब पहुंचाने का आरोप
सागर जिले के बंडा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में जहरीली शराब पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि शराब ठेकेदारों, ढाबा संचालकों और गांवों में अवैध शराब बेचने वाले लोगों के नेटवर्क के जरिए मेथेनॉल मिली शराब की बिक्री की गई। इस घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 100 से अधिक लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने की जानकारी है। इस घटना से कई परिवार प्रभावित हुए हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में स्वास्थ्य अमले की तैनाती बढ़ा दी है। 18 से अधिक स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप लगाए गए हैं। संदिग्ध लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि जहरीली शराब के प्रभाव का समय रहते पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सके।
लाइसेंसी ठेकेदारों को भी बनाया गया आरोपी
पुलिस जहरीली शराब के नेटवर्क और इसकी सप्लाई से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले में लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जांच के दौरान शराब की सप्लाई, मेथेनॉल की खरीद और उसे शराब में मिलाने से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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