एक कार में मोदी-पुतिन की सवारी, फिर चर्चा में आई ‘कार डिप्लोमेसी’

HIGHLIGHTS
- प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन विश्व घुमंतू खेलों के लिए साथ रवाना हुए।
- मोदी ने दोनों नेताओं की कार यात्रा की तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा की।
- बातचीत में रूस-यूक्रेन संघर्ष का मुद्दा भी उठा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे के बाद किर्गिस्तान में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। सोमवार को उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति सहित कई नेताओं से मुलाकात की। इसी दौरान मोदी और पुतिन एक ही कार में साथ सफर करते नजर आए।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर दोनों नेताओं की तस्वीर साझा की और बताया कि वे विश्व घुमंतू खेलों के लिए जा रहे थे। मोदी और पुतिन की यह तस्वीर एक बार फिर भारत-रूस संबंधों के साथ प्रधानमंत्री की चर्चित ‘कार डिप्लोमेसी’ को लेकर चर्चा का विषय बन गई।
क्या मोदी-पुतिन की कार यात्रा सिर्फ औपचारिक मुलाकात थी?
मोदी और पुतिन का एक साथ कार में सफर ऐसे समय हुआ, जब भारत और रूस के बीच सहयोग को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण बनी हुई है। सोमवार को पुतिन के साथ चर्चा के दौरान मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का मुद्दा भी उठाया।
प्रधानमंत्री ने युद्ध को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अब अंतहीन युद्ध से आगे बढ़कर संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने का समय है। उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान को पूरी मानवता की साझा प्राथमिकता बताया। ऐसे में दोनों नेताओं की कार यात्रा की तस्वीर के साथ उनकी बातचीत में एक संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दा भी प्रमुख रहा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले क्यों अहम है यह मुलाकात?
मोदी और पुतिन की यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा प्रस्तावित है। पुतिन करीब एक सप्ताह बाद नई दिल्ली में आयोजित होने वाले वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचेंगे।
ऐसे में एससीओ सम्मेलन से अलग दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को आगामी भारत यात्रा की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बातचीत के दौरान मोदी ने पुतिन की पिछली भारत यात्रा को याद करते हुए उसे बेहद सफल और यादगार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है।
भारत-रूस संबंधों पर मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग दोनों देशों के लोगों के हित में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भारत और रूस की साझा सोच रही है।
मोदी के मुताबिक, भविष्य में भी यही सिद्धांत दोनों देशों के संबंधों का मार्गदर्शक बना रहेगा। उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत रूस के साथ अपने संबंधों को राष्ट्रीय हित के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
इससे पहले किस नेता के साथ कार में दिखे थे मोदी?
पुतिन से पहले प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ भी कार में सफर करते नजर आए थे। दोनों नेताओं की साथ कार में जाने की तस्वीरों को ‘कार डिप्लोमेसी’ के रूप में देखा गया।
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई मौकों पर विदेशी नेताओं के साथ इसी तरह अनौपचारिक माहौल में बातचीत करते दिखाई दिए हैं। कार में साथ सफर करने से नेताओं को औपचारिक बैठक के मुकाबले अपेक्षाकृत सहज माहौल में बातचीत करने का अवसर मिलता है।
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