मुजफ्फरनगर: 60 लाख की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, पुलिस को बड़ी सफलता

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 60 लाख रुपये की बीमा राशि ठगने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड अहतेशाम को गिरफ्तार किया है।
- आरोपी ने फर्जीवाड़े के जरिए बीमा मैच्योरिटी चेक को दूसरे खाते में जमा कराकर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई थी।
- पुलिस इस मामले में पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क की जांच जारी है।
मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करीब 60 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी राशि हड़पने वाले साइबर ठगी गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी अहतेशाम को रविवार दोपहर करीब 3 बजे दबोचा। वह चरथावल थाना क्षेत्र के कुटेसरा गांव का रहने वाला है। आरोपी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले की जांच में अहम प्रगति हुई है।
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ के मुताबिक, हरिद्वार निवासी सुमनलता ने वर्ष 2019 में बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस से जीवन बीमा पॉलिसी कराई थी। बाद में आर्थिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने पॉलिसी बंद कर जमा राशि वापस लेने के लिए आवेदन किया था।
बीमा कंपनी की ओर से करीब 60 लाख 37 हजार रुपये का मैच्योरिटी चेक ब्लू डार्ट कूरियर के माध्यम से उनके पते पर भेजा गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि रास्ते में ही यह चेक गायब कर दिया गया और उसमें हेरफेर कर उसे चरथावल क्षेत्र की एक महिला के बैंक खाते में जमा करा दिया गया।
इसके बाद ठगी की रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर अलग-अलग माध्यमों से निकाल लिया गया। पीड़िता को भुगतान नहीं मिलने पर बीमा कंपनी ने जांच शुरू की और मामला मुजफ्फरनगर पुलिस तक पहुंचा।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच के दौरान इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस पहले ही इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक पंजाब नेशनल बैंक का कर्मचारी भी शामिल बताया गया है।
मुख्य आरोपी अहतेशाम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह की पूरी गतिविधियों और अन्य वारदातों से जुड़े सुराग जुटाने में लगी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर ठगी की रकम के लेन-देन, अन्य सहयोगियों की भूमिका और संभावित मामलों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
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