दुबई में बैठे लविश चौधरी पर FIR, निवेश के नाम पर 60 लाख की ठगी का आरोप

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में कोर्ट के आदेश पर दुबई में रह रहे लविश चौधरी के खिलाफ निवेश के नाम पर 60 लाख रुपये की कथित ठगी के आरोप में FIR दर्ज की गई है।
- पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि आरोपी पहले से ईडी की जांच के दायरे में भी बताया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर। निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में दुबई में रह रहे गाजियाबाद के पसोंडा निवासी लविश चौधरी उर्फ नवाब के खिलाफ मुजफ्फरनगर के खालापार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।
एफआईआर खालापार निवासी दीन मोहम्मद की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, लविश चौधरी ने अपनी कंपनी क्यूएफएक्स (QFX) के जरिए निवेश करने पर हर महीने 5 प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया था। इस भरोसे में आकर दीन मोहम्मद समेत कुल 15 लोगों ने करीब 60 लाख रुपये निवेश किए।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शुरुआती दौर में उन्हें तय मुनाफा दिया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ा। बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया और निवेश की गई रकम भी वापस नहीं मिली। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण पीड़ितों को अदालत का रुख करना पड़ा, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
मुजफ्फरनगर से भी जुड़े हैं आरोपी के तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लविश चौधरी का मुजफ्फरनगर से पुराना संबंध रहा है। उसके परिवार का शहर के अंबा विहार इलाके में मकान बताया जा रहा है और वह स्वयं भी कुछ समय तक यहां रह चुका है। इसी वजह से पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जिले में उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या ठगी के नेटवर्क से स्थानीय लोग भी जुड़े हुए थे।
210 करोड़ रुपये की कथित ठगी की भी जांच
बताया जा रहा है कि यह मामला करीब 210 करोड़ रुपये की कथित निवेश ठगी से जुड़े बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। लविश चौधरी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया जा चुका है।
हाल ही में ईडी ने शामली स्थित उससे जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 94 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत समेत कई जिलों में उसके करीब 17 एजेंट सक्रिय थे, जो लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने का काम करते थे। पुलिस अब दर्ज मुकदमे के आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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