मुजफ्फरनगर से किसान आंदोलन की हुंकार, 50 संगठनों ने बनाया 'भारत बचाओ मोर्चा'
By Hitesh — July 12, 2026

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में 50 किसान संगठनों की संयुक्त बैठक में "भारत बचाओ मोर्चा" के गठन का ऐलान किया गया।
- किसान संगठनों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए इसे किसानों और पशुपालकों के लिए नुकसानदायक बताया।
- 15 जुलाई को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन और 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर बड़े प्रदर्शन की घोषणा की गई।
Author: — Dainik Dehat
मुजफ्फरनगर: रविवार को किसान संगठनों की बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर के करीब 50 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संयुक्त संघर्ष के लिए ‘भारत बचाओ मोर्चा’ के गठन की घोषणा की गई।
रुड़की रोड स्थित एक निजी बैंक्वेट हॉल में हुई इस बैठक का आयोजन किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अवनीत पंवार के आह्वान पर किया गया था। बैठक में किसानों, मजदूरों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुट होकर आंदोलन की रणनीति बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक में प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी विरोध जताया गया। किसान नेताओं ने इसे कृषि क्षेत्र और पशुपालकों के हितों के लिए नुकसानदायक बताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की।
किसानों के मुद्दों पर एकजुट संघर्ष का संकल्प
बैठक को संबोधित करते हुए चौधरी अवनीत पंवार ने कहा कि किसान लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने फसलों के उचित मूल्य, कृषि क्षेत्र की मजबूती और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी संगठनों को एक मंच पर आने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से किसानों और आम जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए ‘भारत बचाओ मोर्चा’ का गठन किया गया है।
ट्रेड डील को लेकर जताई चिंता
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों और पशुपालकों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि विदेशों से सस्ते कृषि उत्पाद और मिल्क पाउडर बड़ी मात्रा में भारत आए तो स्थानीय किसानों के उत्पादों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।
किसान नेताओं ने कहा कि कृषि और पशुपालन से जुड़े लोगों की आजीविका को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
15 जुलाई ज्ञापन, 21 जुलाई दिल्ली में प्रदर्शन
बैठक में तय किया गया कि किसान संगठन 15 जुलाई को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।
इसके अलावा ‘भारत बचाओ मोर्चा’ की आगे की रणनीति तय करने के लिए 14 जुलाई को बुलंदशहर में अगली बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। किसान नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में संगठन किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में अभियान चलाएगा।
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