मुजफ्फरनगर: कांवड़ और चेहल्लुम जुलूस साथ-साथ, सुरक्षा के लिए पुलिस ने कसी कमर

HIGHLIGHTS
- सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई।
- ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए पूरे रूट की निगरानी की जा रही है।
- प्रशासन ने दोनों धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को प्राथमिकता दी है।
मुजफ्फरनगर में मंगलवार को जहां श्रावण मास की कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है, वहीं चेहल्लुम के मातमी जुलूस को लेकर पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। दोनों धार्मिक आयोजन एक ही मार्ग से गुजरने के कारण प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
संवेदनशील हालात को देखते हुए पुलिस ने पूरे रूट को दो अलग-अलग कॉरिडोर में बांट दिया है। मार्ग के बीच में करीब 10-10 फीट ऊंचे टेंट के पर्दे लगाए गए हैं, ताकि एक तरफ शिवभक्त कांवड़िए अपनी यात्रा कर सकें और दूसरी ओर शिया समुदाय का चेहल्लुम जुलूस शांतिपूर्वक निकाला जा सके।
हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर
पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्रोन, सीसीटीवी और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बता दें कि चेहल्लुम हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला मातमी पर्व है, जिसे श्रद्धा और गम के साथ मनाया जाता है। वहीं कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
ऐसे में मुजफ्फरनगर में दोनों आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना पुलिस और प्रशासन के लिए सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
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