ओडिशा बनेगा रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग का हब, कैबिनेट मीटिंग में 12 प्रस्ताव पास

भुवनेश्वर। ओडिशा कैबिनेट ने शनिवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर राज्य के सांस्कृतिक संरक्षण और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने का संकेत दिया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 10 विभागों से जुड़े 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इन कदमों से न केवल ओड़िया भाषा और संस्कृति को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य को उन्नत विनिर्माण और रक्षा-एयरोस्पेस क्षेत्र का बड़ा केंद्र बनाने का रास्ता भी साफ होगा।
सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य
कैबिनेट ने ओडिशा राज्य सहकारी नीति–2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य राज्य की सहकारी संस्थाओं की कार्यकुशलता बढ़ाना और उन्हें अधिक प्रभावी बनाना है।
जल संसाधन विभाग के लिए 362 करोड़ रुपये स्वीकृत
जल संसाधन विभाग को सिंचाई और जल प्रबंधन प्रणाली सुधारने के लिए 362 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। इस राशि से एक डायवर्जन सिस्टम विकसित किया जाएगा, जो सिंचाई और जल संरक्षण में मदद करेगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मार्च तक जारी
ओडिशा से सिंगापुर और दुबई के लिए उड़ान सेवाएं मार्च तक जारी रहेंगी। इसके बाद इन उड़ानों को बनाए रखने या न रखने का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी लेंगे।
राज्य में रक्षा और एयरोस्पेस हब का निर्माण
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि राज्य में रक्षा और एयरोस्पेस उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा। मुख्य सचिव अनु गर्ग के अनुसार, इस क्षेत्र में करीब 17,250 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है, जिससे लगभग 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा।
ओड़िया भाषा और संस्कृति को नई ताकत
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग से जुड़े पहले से स्वीकृत ओडिशा सांस्कृतिक विकास सेवा को कार्यान्वित करने की मंजूरी दी गई है। इस सेवा के तहत 66 में से 33 पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, पदोन्नति की व्यवस्था तय की गई है और ओड़िया संस्कृति के संरक्षण के लिए जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं।
ढेंकानाल में कल्याणी समूह का उद्योग प्रोजेक्ट
उद्योग विभाग के तहत ढेंकानाल जिले के गजामरा में कल्याणी समूह की नई पीढ़ी की एकीकृत विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। इसकी शुरुआत एक विशेष इस्पात संयंत्र से होगी और बाद में इसे सुपर एलॉय इकाई तक विस्तारित किया जाएगा। यहां ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस और रक्षा उपकरणों का उत्पादन होगा। इस परियोजना से अनुमानित 12 हजार से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित होंगे।
भर्ती नियमों में सुधार
कैबिनेट ने संयुक्त तकनीकी सेवा भर्ती परीक्षा नियम, 2022 में संशोधन को भी मंजूरी दी, जिससे भर्ती प्रक्रिया और अधिक सरल और प्रभावी बन सकेगी।
कुल मिलाकर, ये फैसले नीति सुधार, औद्योगिक निवेश, वैश्विक संपर्क और रोजगार सृजन की दिशा में ओडिशा को नई गति देने वाले माने जा रहे हैं।
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