मेरठ में 4 KM के दायरे में बसीं 20 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां, मेडा ने चलाया JCB

HIGHLIGHTS
- उल्देपुर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान
- करीब चार किलोमीटर के दायरे में 20-25 कॉलोनियां
- मेडा ने करीब 10 कॉलोनियों को ध्वस्त करने की तैयारी की
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल मार्केट मामले की सुनवाई के दौरान मेरठ के उल्देपुर में अवैध और कच्ची कॉलोनियां बसाए जाने की शिकायत सामने आई थी। कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) को इस क्षेत्र का सर्वे कराने और कार्रवाई के बाद उसकी रिपोर्ट 21 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में पेश करने का आदेश दिया था।
मेडा अधिकारियों की जांच में क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां मिलीं। रुड़की रोड पर थर्ड माइल स्टोन से लावड़ जाने वाले मार्ग पर करीब चार किलोमीटर के दायरे में ही 20-25 अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। प्राधिकरण की ओर से सोमवार को इन कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई 14 जुलाई को हुई थी।
मेडा उपाध्यक्ष ने डीएम और एसएसपी को भेजे पत्र में बताया था कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सोमवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाना है। उन्होंने डीएम से कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट नामित करने और एसएसपी से पुलिस तथा पीएसी उपलब्ध कराने की मांग की थी। साथ ही कार्रवाई के दौरान बिजली कनेक्शन काटने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों से कर्मचारियों के साथ मौजूद रहने को कहा गया था।
मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि उल्देपुर में पहले भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। अब करीब 10 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया जाना है। इसी के लिए पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मांग की गई है।
कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति
सोमवार को कार्रवाई के लिए पहुंची टीम में शामिल प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को देखकर अभियान की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था। टीम में एमडीए के केवल एक जेई धीरज यादव प्रवर्तन टीम के साथ पहुंचे। उनके अलावा पुलिस का कोई आला अधिकारी और प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी अभियान के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।
कार्रवाई के नाम पर भी केवल खानापूर्ति होती दिखाई दी। टीम ने अभी तक सिर्फ दो ऐसी कॉलोनियों में सड़क उखाड़ने का काम किया है, जो छोटी-छोटी जमीनों पर बसाई जा रही हैं और जहां अभी इक्का-दुक्का निर्माण ही हुए हैं। इस क्षेत्र में 50 से 200 बीघा तक जमीन में कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। मेन रोड के दोनों ओर इन अवैध कॉलोनियों की भरमार है।
उल्देपुर रोड पर एक कॉलोनी की मुख्य सड़क को दो जेसीबी मशीनों से उखाड़ दिया गया। इस कॉलोनी का खसरा जगपाल के नाम पर है। टीम ने करीब चार बीघा जमीन में बन रही कॉलोनी की सड़क उखाड़ी। इस कॉलोनी में अभी तक कोई मकान या दुकान नहीं बनी है। बाहर भूसे की एक बड़ी हॉलनुमा दुकान है।
600 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां, सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे सच्चाई
सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका के वादी लोकेश खुराना ने बताया कि न्यायालय ने उनके अधिवक्ता से भी उल्देपुर में कार्रवाई में सहयोग करने को कहा है। उनके अधिवक्ता इस क्षेत्र का सर्वे करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की महायोजना-2031 के अनुसार शहर में 308 अवैध कॉलोनियां चिह्नित हैं, जबकि हकीकत में शहर में 600 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें लगातार निर्माण हो रहे हैं और लोगों ने असुरक्षित माहौल में रहना भी शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि कोर्ट ने प्राधिकरण को पूरे शहर में अवैध व्यावसायिक निर्माणों का सर्वे करने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई है। ये सभी तथ्य सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे जाएंगे।
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