विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: पीएम मोदी ने 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों को किया याद

HIGHLIGHTS
- 1947 के विभाजन में लाखों परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा था।
- पीएम मोदी ने विभाजन प्रभावित लोगों के संघर्ष और जिजीविषा को याद किया।
- विभाजन के दौरान करीब 2 करोड़ लोग विस्थापन से प्रभावित हुए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और जिजीविषा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विभाजन ने लाखों परिवारों को उजाड़ दिया और लोगों को असहनीय पीड़ा दी। इसके बावजूद प्रभावित लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में नई जिंदगी शुरू की और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पीएम मोदी ने भाईचारे, सद्भाव और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
इतिहास का वह दौर था, जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस को याद करते हुए कहा कि यह इतिहास का वह दौर था, जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं।
उन्होंने कहा कि परिवार उजड़ गए, अपनों को खो दिया और लोगों को बहुत दुख सहना पड़ा। इसके साथ ही, इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर शुरू की, कठिनाइयों को सफलता में बदला और देश की तरक्की में बड़ा योगदान दिया।
मुश्किलों को मात देकर फिर खड़ी की जिंदगी
प्रधानमंत्री ने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी दोबारा बनाई। उन्होंने विषम परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाया, मुश्किल हालात को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भाईचारे और सद्भाव के संकल्प को मजबूत करने की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि इन लोगों की जीवन यात्राएं इंसानी जज्बे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दिन देश में भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने के संकल्प को और मजबूत करेगा और सभी लोग मिलकर विकसित भारत बनाने की दिशा में काम करेंगे।
14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
भारत में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
आजादी के साथ मिला था विभाजन का दर्द
भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। हर साल 15 अगस्त को मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस देश के लिए खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि, आजादी की इस खुशी के साथ विभाजन का गहरा दर्द भी जुड़ा था।
नए आजाद भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ ही विभाजन की हिंसा और त्रासदी सामने आई, जिसने लाखों लोगों के मन पर गहरे और कभी न मिटने वाले घाव छोड़े।
करीब 2 करोड़ लोग हुए विस्थापन से प्रभावित
विभाजन के कारण मानव इतिहास के सबसे बड़े विस्थापनों में से एक हुआ, जिससे लगभग 2 करोड़ लोग प्रभावित हुए। लाखों परिवारों को अपने पुश्तैनी गांवों, कस्बों और शहरों को छोड़ना पड़ा और शरणार्थी के तौर पर एक नई जिंदगी शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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