भारत ने पहली बार जीता कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप का ओवरऑल खिताब, 35 पदकों के साथ रचा इतिहास

HIGHLIGHTS
- भारत ने प्रतियोगिता में कुल 35 पदक अपने नाम किए।
- भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 8 रजत और 14 कांस्य पदक जीते।
- शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने प्रतिष्ठित विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी भी हासिल की।
भारतीय तलवारबाजी दल ने कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया। चार दिन तक चली इस प्रतियोगिता में भारत ने अंडर-23 और सीनियर वर्ग को मिलाकर कुल 35 पदक अपने नाम किए। इनमें 13 स्वर्ण, 8 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने प्रतिष्ठित विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी पर भी कब्जा कर लिया। यह ट्रॉफी 1982 से कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन की ओर से प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल प्रदर्शन करने वाले देश को दी जाती है।
सीनियर टीम स्पर्धाओं में भारत का दबदबा
भारतीय फेंसर्स ने सीनियर टीम स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह में से पांच स्वर्ण पदक जीते। भारत ने पुरुष साबरे, महिला साबरे, पुरुष एपी, महिला एपी और महिला फॉयल में स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं, पुरुष फॉयल में कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक मिला।
टीम स्पर्धाओं में इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में शीर्ष पर रहा और पहली बार कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप का ओवरऑल खिताब अपने नाम किया।
पहले दिन 17 पदकों के साथ शानदार शुरुआत
भारत के अभियान की शुरुआत ही शानदार रही। प्रतियोगिता के पहले दिन अंडर-23 व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 17 पदक जीते। इनमें चार स्वर्ण, चार रजत और नौ कांस्य पदक शामिल रहे।
पुरुष साबरे में भारत ने पोडियम पर क्लीन स्वीप किया। निखिल वाघ ने स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा जॉयस अशिता ने महिला फॉयल, प्राची लोहान ने महिला एपी और जेफरलिन ने महिला साबरे में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
दूसरे दिन सीनियर खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
दूसरे दिन भारतीय दल ने सीनियर व्यक्तिगत स्पर्धाओं में सात पदक हासिल किए। इनमें एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल रहे।
महिला सीनियर एपी में तनिष्का खत्री और खुशी दाभाड़े ने क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत का दबदबा कायम रखा।
तीसरे दिन तीन स्वर्ण समेत पांच पदक
प्रतियोगिता के तीसरे दिन भी भारतीय फेंसर्स का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य समेत कुल पांच पदक जीते।
सीनियर महिला फॉयल में कनागलक्ष्मी, सीनियर पुरुष एपी में राजेंद्रन शांतिमोल शेरजिन और सीनियर पुरुष साबरे में सिंह करण सिंह ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
खिलाड़ियों के साथ सपोर्ट स्टाफ का भी योगदान
भारत की इस ऐतिहासिक सफलता में खिलाड़ियों के साथ कोच और सपोर्ट स्टाफ की भी अहम भूमिका रही। कोच भारतजी ठाकोर, श्रीहरि पिसे और शंकर नारायणन ने खिलाड़ियों को रणनीतिक मार्गदर्शन दिया।
फिजियोथेरेपिस्ट अमृता बालकवाड़े ने खिलाड़ियों की फिटनेस का ध्यान रखा, जबकि टीम मैनेजर मनु त्यागी ने पूरे अभियान के दौरान टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।
'भारतीय फेंसिंग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि'
फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव राजीव मेहता ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई और पूरे भारतीय दल के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहली बार कॉमनवेल्थ ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब जीतना भारतीय फेंसिंग में मौजूद प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत का प्रमाण है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि भारतीय फेंसर्स का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और बड़ी वैश्विक चैंपियनशिप से पहले सकारात्मक मोमेंटम तैयार करेगी।
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