हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर प्रियांक खरगे ने उत्तराखंड सरकार पर उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर प्रियांक खरगे ने प्रतिक्रिया दी।
- बंगलूरू पुलिस ने उत्तराखंड BJP नेताओं के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की।
- 31 अगस्त को मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
हल्द्वानी में शुद्धिकरण को लेकर उठे विवाद पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने उत्तराखंड की घटना पर सवाल खड़े किए हैं। विधान सौधा पुलिस द्वारा उत्तराखंड भाजपा के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद खरगे ने यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य है और इस मामले में उत्तराखंड सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए थी।
प्रियांक खरगे ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को इस मामले का खुद संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए था और गृह मंत्री को इस पर अपनी बात रखनी चाहिए थी। खरगे ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा के चलते भाजपा ऐसे मामलों में कार्रवाई करने से बचती है।
उत्तराखंड BJP नेताओं के खिलाफ बंगलूरू में जीरो FIR
बंगलूरू पुलिस ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने 31 अगस्त को मिली शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 10 अगस्त को रामलीला मैदान में किया गया अनुष्ठान मल्लिकार्जुन खरगे के अनुसूचित जाति से होने के कारण उस स्थान को अपवित्र बताने के उद्देश्य से किया गया था।
पुलिस ने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, एससी/एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जीरो एफआईआर को जांच के लिए हल्द्वानी पुलिस के पास भेजा जाएगा। इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव भी बढ़ गया है।
'डमी सीएम' वाले बयान पर खरगे ने भाजपा को घेरा?
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को 'डमी सीएम' कहने वाले बयान पर भी प्रियांक खरगे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं। खरगे ने दावा किया कि असली 'डमी' भाजपा है, जो आरएसएस के नियंत्रण में काम करती है।
क्या खरगे ने कहा कि RSS के बिना BJP कमजोर हो जाएगी?
प्रियांक खरगे ने आरोप लगाया कि अगर आरएसएस को अलग कर दिया जाए तो भाजपा एक क्षेत्रीय पार्टी से भी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक मार्गदर्शकों और आरएसएस के बिना कोई निर्णय नहीं ले सकती। खरगे ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे खुलकर बताएं कि उत्तराखंड में जो हुआ, वह गलत था या नहीं।
KPSC और शिक्षा सुधारों पर खरगे ने BJP को क्या चुनौती दी?
खरगे ने शिक्षा सुधारों और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) से जुड़े मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उनका आरोप था कि भाजपा वही बातें कहती है, जो आरएसएस की ओर से तय या लिखकर दी जाती हैं।
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