टीकमगढ़: राशन गेहूं की बोरी में मिली जानवर की हड्डियां, स्टॉक सील कर जांच शुरू

HIGHLIGHTS
- टीकमगढ़ की राशन दुकान पर गेहूं की बोरी में कथित रूप से जानवर की हड्डियां मिलने से हड़कंप मचा।
- खाद्य विभाग ने पूरा स्टॉक सील कर वितरण रोक दिया है।
- सप्लाई एजेंसी से गेहूं भेजे जाने की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बांटे जा रहे गेहूं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुड़ेरा क्षेत्र की नन्ही टेहरी उचित मूल्य दुकान पर गेहूं की बोरी खोलने के दौरान उसमें कथित तौर पर जानवर की हड्डियां मिलने से हड़कंप मच गया।
बोरी में हड्डियां दिखाई देने के बाद राशन लेने पहुंचे ग्रामीणों ने गेहूं लेने से इनकार कर दिया। सूचना मिलने पर खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर दुकान में मौजूद पूरे गेहूं के स्टॉक को सील कर दिया।
बोरी खोलते ही दिखीं सिर और पैरों की हड्डियां
जानकारी के मुताबिक, ग्राम लक्ष्मणपुरा की उचित मूल्य दुकान बंद होने के कारण वहां के उपभोक्ताओं को नन्ही टेहरी की राशन दुकान से खाद्यान्न दिया जा रहा था।
सोमवार को जब ग्रामीण राशन लेने पहुंचे तो गेहूं की एक बोरी खोली गई। इसी दौरान बोरी में गेहूं के साथ कुछ हड्डियां नजर आईं। ग्रामीणों का कहना है कि इनमें जानवर के सिर और पैरों जैसी हड्डियां शामिल थीं।
इसके बाद बोरी को पूरी तरह खाली कर जांच की गई, जिसमें कुछ और हड्डियां मिलने की बात सामने आई। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने राशन लेने से मना कर दिया।
खाद्य विभाग ने रोका वितरण
मामले की जानकारी मिलते ही खाद्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। विभाग ने दुकान में रखे पूरे गेहूं के स्टॉक का वितरण रोक दिया और उसे सील कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा।
एजेंसी से मांगी जाएगी सप्लाई की जानकारी
खाद्य निरीक्षक सार्थक तिवारी ने बताया कि नन्ही टेहरी उचित मूल्य दुकान का पूरा स्टॉक फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसी (नान) से जानकारी जुटाई जाएगी कि यह गेहूं किस गोदाम से भेजा गया था।
उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में हड्डियां किसी भेड़ या अन्य जानवर की प्रतीत हो रही हैं, लेकिन इसकी वास्तविक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। संबंधित गेहूं को वापस भेजने और आपूर्ति एजेंसी के खिलाफ शिकायत की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं खराब राशन के मामले
टीकमगढ़ जिले में राशन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे पहले दमोह से आई घुन लगी गेहूं की खेप वापस भेजनी पड़ी थी।
वहीं, करीब दो साल पहले जबलपुर और रीवा से आया लगभग 18 हजार क्विंटल खराब चावल भी विवाद का कारण बना था। प्रशासन अब भी उस मामले में कार्रवाई और वापसी की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने की मांग की है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.