उद्धव ठाकरे का पीएम मोदी पर हमला, बोले- युवाओं से मिलने का समय नहीं, ‘गद्दारों’ के लिए वक्त

HIGHLIGHTS
- उद्धव ठाकरे ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा।
- पीएम मोदी ने एक दिन पहले राजग के घटक दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की थी।
- इसके बाद एकनाथ शिंदे और उनकी पार्टी के छह सांसदों ने पीएम से मुलाकात की।
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए छह सांसदों से प्रधानमंत्री की मुलाकात को लेकर सवाल खड़े किए।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के पास प्रदर्शन कर रहे युवाओं से मुलाकात करने का समय नहीं है, लेकिन ‘गद्दारों’ से मिलने के लिए समय है। एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजग के घटक दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की थी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनकी पार्टी के छह नवनिर्वाचित सांसदों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी।
बागी सांसदों से मुलाकात पर उद्धव ने उठाए सवाल
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी और शिवसेना (यूबीटी) छोड़ने वाले छह सांसदों के बीच हुई मुलाकात का उद्देश्य क्या सुप्रीम कोर्ट को ‘डराना’ था।
उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उनकी पार्टी की उस याचिका पर सुनवाई चल रही है, जिसमें निर्वाचन आयोग के शिंदे गुट को ‘असली शिवसेना’ मानने के फैसले को चुनौती दी गई है।
ठाकरे ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला संविधान के आधार पर होगा और उन्हें संविधान पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास युवाओं से मिलने का समय नहीं है, लेकिन ‘गद्दारों’ से मिलने का समय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सुप्रीम कोर्ट को डराने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री और छह सांसदों की मुलाकात का जिक्र करते हुए ठाकरे ने पूछा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है तो ‘गद्दारों’ से मिलने की क्या वजह हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया जाएगा।
शिवसेना (यूबीटी) की याचिका लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस फैसले को चुनौती देती है, जिसमें छह सांसदों के प्रतिद्वंद्वी शिवसेना में विलय को मान्यता दी गई थी। ठाकरे ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री न्यायपालिका, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धमका रहे हैं।
‘ये तूफान से पहले की शांति’, उद्धव ने क्यों कहा?
उद्धव ठाकरे ने देश की मौजूदा स्थिति को ‘तूफान से पहले की शांति’ बताया। उन्होंने कहा कि जेन जी के युवाओं के प्रदर्शनों ने सरकार को हिला दिया है।
ठाकरे ने कहा कि दुनिया इस बात पर चर्चा कर रही है कि जेन जी ने सरकार को घुटनों पर ला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पीढ़ी का समर्थन करने के बजाय कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उन्होंने संसद चलो मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया।
ठाकरे ने कहा कि अब पूरी सरकार को बदलने का समय आ गया है।
पीएम मोदी के इंस्टाग्राम से सरकार चलाने पर तंज
उद्धव ठाकरे ने कोरोना महामारी के दौरान फेसबुक लाइव करने को लेकर हुई आलोचना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि उन्हें फेसबुक लाइव करने के लिए आलोचना झेलनी पड़ी थी, लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि प्रधानमंत्री इंस्टाग्राम के जरिए सरकार चला रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश के भविष्य यानी युवाओं से मिलना नहीं चाहते।
मोहन भागवत की युवाओं से मुलाकात पर भी बोले ठाकरे
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की गुरुवार को जेन जी के युवाओं के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवा उनकी बातें सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।
उन्होंने झारखंड सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत करने की भी बात कही। इसी बीच, झारखंड सरकार ने शनिवार को नौकरी के अभ्यर्थियों के देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले गुट से कथित पेपर लीक को लेकर बातचीत की।
हालांकि, बातचीत के बाद भी गतिरोध खत्म नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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