नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2025 का क्रिकेट सीजन शानदार जीत के साथ समाप्त किया। पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत ने श्रीलंका को क्लीन स्वीप करते हुए 5-0 से हराया। सीरीज के आखिरी मैच में टॉप ऑर्डर फ्लॉप होने के बावजूद टीम ने सात विकेट खोकर 175 रन बनाए। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 68 रनों की शांतिपूर्ण पारी खेलकर टीम को संकट से बाहर निकाला।
हरमन की अर्धशतकीय पारी के दम पर भारत ने बड़ा स्कोर बनाया, जबकि अंत में अरुंधति ने 11 गेंदों में 27 रन की तूफानी पारी खेलकर मैच को रोमांचक बनाया। जवाब में श्रीलंका 20 ओवर में 7 विकेट पर 160 रन ही बना सकी और भारत ने 15 रन से जीत दर्ज की।
श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया, जो शुरुआत में सही साबित हुआ। शुरुआती ओवरों में भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा केवल 5 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद डेब्यू कर रहीं जी कमालिनी भी 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। टीम संकट में थी, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत ने धैर्यपूर्वक खेलते हुए अमनजोत कौर के साथ 61 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
इस मैच के दौरान हरमन ने अपना 15वां टी-20 अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, अमनजोत आउट होने के बाद यह साझेदारी टूट गई, लेकिन टीम को 150 के पार स्कोर हासिल हो चुका था।
शेफाली वर्मा भले ही इस मैच में ज्यादा रन नहीं बना पाईं, लेकिन उन्होंने इस सीरीज में कुल 241 रन बनाकर भारत की टी-20 इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनकर नया रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले स्मृति मंधाना के नाम यह रिकॉर्ड था।
इस मैच में उपकप्तान स्मृति मंधाना को आराम दिया गया और उनकी जगह युवा जी कमालिनी को टीम में मौका मिला। वहीं, रेणुका सिंह ठाकुर की जगह स्नेह राणा को टीम में शामिल किया गया।
श्रीलंका की टीम की शुरुआत खराब रही। कप्तान अटापट्टू 2 रन बनाकर आउट हो गईं। हसनी परेरा और इमेशा दुलानी ने पारी को संभाला, जिसमें दुलानी ने 38 गेंदों में अपना पहला टी-20 अर्धशतक बनाया। इसके बाद दुलानी का आउट होना और नीलाक्षिका सिल्वा का फ्लॉप प्रदर्शन टीम के लिए झटका रहा।
बोलिंग में दीप्ति शर्मा ने कमाल का प्रदर्शन किया और टी-20 इंटरनेशनल में 152 विकेट पूरे कर भारत की सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं। श्रीलंका की पारी के 18वें ओवर में उन्हें दो अहम विकेट मिले, जिससे मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में हो गया।
भारत की टीम ने इस जीत के साथ न केवल सीरीज क्लीन स्वीप की बल्कि कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी बनाए। हरमनप्रीत की कप्तानी, शेफाली का रन रिकॉर्ड और दीप्ति की गेंदबाजी ने टीम को शानदार जीत दिलाई।