इंडिया ओपन 2026 के शुरुआती दौर में भारतीय बैडमिंटन को बड़ा झटका लगा, जब दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को राउंड-1 में वियतनाम की खिलाड़ी गुयेन थुई लिन्ह के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
वहीं, पूर्व विश्व नंबर-1 किदांबी श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की की। श्रीकांत ने हमवतन थरुण मणिपल्ली को कड़े मुकाबले में 15-21, 21-6, 21-19 से हराया। मैच के बाद श्रीकांत ने टूर्नामेंट की खेल परिस्थितियों को लेकर उठे विवाद पर भी अपनी राय व्यक्त की।
खेल व्यवस्थाओं पर उठे सवालों का जवाब
हाल ही में डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की व्यवस्थाओं को अस्वस्थ बताया था और बीडब्ल्यूएफ से हस्तक्षेप की मांग की थी। इस पर श्रीकांत ने कहा कि उन्हें आयोजन स्थल पर कोई असामान्य या खराब स्थिति नजर नहीं आई। उन्होंने कहा, “हर देश में खेल परिस्थितियां अलग होती हैं। कभी शटल ज्यादा ड्रिफ्ट करता है, कभी कम। मुझे यहां ऐसा कुछ नहीं दिखा जिसे ‘खराब’ कहा जाए।”
श्रीकांत ने याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पहले भी ऐसे मामूली व्यवधान आए हैं। उन्होंने बताया कि डेनमार्क में एक बार लाइट चली जाने के कारण उन्हें मैच के दौरान लगभग एक घंटे इंतजार करना पड़ा था, जबकि एच. एस. प्रणय को किसी मैच को दो दिन में पूरा करना पड़ा। 32 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, “ये घटनाएं बहुत कम होती हैं और कोई भी देश जानबूझकर ऐसा नहीं करता। सभी आयोजक अच्छा करना चाहते हैं।”