नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से मात देते हुए तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। यह जीत भारत को बैक-टू-बैक ट्रॉफी जीतने वाली और होस्ट देश के रूप में फाइनल जीतने वाली पहली टीम बना देती है।

धमाकेदार सलामी जोड़ी

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन बनाए। ओपनर संजू सैमसन (89) और अभिषेक शर्मा (52) ने धीमी शुरुआत के बाद कीवी गेंदबाजों को बुरी तरह से परेशान किया। दोनों ने पावरप्ले में मिलकर 92 रन जोड़े और टीम को मजबूत आधार दिया।

तीसरे नंबर पर आए ईशान किशन (54) ने जल्दी ही टीम को सेट किया और भारतीय टीम ने 7.2 ओवर में शतक पार किया। इस फाइनल में पहली बार किसी टीम के टॉप तीन बल्लेबाजों ने 50 या उससे अधिक रन बनाए।

संजू की लगातार तीसरी फिफ्टी

संजू सैमसन ने सुपर-8 में वेस्ट इंडीज (97*), सेमीफाइनल में इंग्लैंड (89*) और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार तीसरी फिफ्टी बनाई। 46 गेंदों पर 5 चौके और 8 छक्कों की मदद से संजू ने 89 रन बनाए। हालांकि शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी टीम के लिए निर्णायक साबित हुई।

कप्तान सूर्यकुमार यादव का खाता नहीं खुला

कप्तान सूर्यकुमार यादव को 16वें ओवर में नीशम ने उनके पसंदीदा शॉट पर आउट किया। उनके जल्दी आउट होने के बाद मैच में एक पल के लिए सन्नाटा छा गया।

भारतीय गेंदबाजों की जबरदस्त वापसी

न्यूज़ीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। भारत के गेंदबाजों ने मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में केवल 15 रन देकर 4 विकेट चटकाए। अक्षर पटेल ने 3 विकेट लिए, जबकि हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने 1-1 विकेट अपने नाम किए।

कीवी टीम की ओर से टिम सीफर्ट (52) और कप्तान मिचेल सेंटनर (43) ने रनों की कोशिश की, लेकिन भारत की गेंदबाजी ने उन्हें नियंत्रण में रखा।

पावरप्ले और छक्कों की बारिश

अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन की पारी ने भारत को पावरप्ले में टी20 विश्व कप फाइनल में सर्वाधिक स्कोर तक पहुँचाया। अंतिम ओवर में शिवम दुबे ने 26 रन नाबाद बनाकर टीम को 255 के पार पहुंचाया।

रिकॉर्ड और उपलब्धियां

  • भारत बनाम न्यूजीलैंड, अहमदाबाद 2026: 255/5

  • टी20 विश्व कप में लगातार फिफ्टी बनाने वाले: संजू सैमसन (2026)

  • फाइनल में सबसे बड़ी जीत (96 रन)

  • बैक-टू-बैक और होस्ट टीम के रूप में पहली बार जीत

इस जीत ने टीम इंडिया को न केवल तीसरी बार विश्व विजेता बनाया, बल्कि खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन और टीम की शानदार रणनीति ने फाइनल को यादगार बना दिया।