लखनऊ: गुरुवार को अखिलेश यादव ने अपने X अकाउंट पर ट्वीट करते हुए कहा कि अमेरिका और इज़राइल के हालिया हमलों का हमारी सीमाओं के करीब और हिंद महासागर तक पहुंचना देशवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने भाजपा सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या इसे चुप्पी माना जाए या किसी भय के कारण सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया रोकी है।
यादव ने कहा, “भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिए हैं? जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है।”
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार की भूमिका
अखिलेश ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम में सरकार, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का संयुक्त दायित्व बनता है कि वे स्पष्ट रूप से अपना रुख सामने रखें। लेकिन कई दिनों तक कोई बयान न आने के बाद विपक्ष को ही इस विषय पर बोलना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस संकटकाल में सरकार को तुरंत सामने आकर देश की जल, थल और वायु सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की मौन नीति से जनता में असमंजस और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और इससे सरकार पर भरोसा कम हुआ है।
संसद सत्र में उठ सकते हैं सवाल
अखिलेश यादव ने यह भी संकेत दिया कि आगामी संसद सत्र में विपक्ष इस विषय को उठाएगा। उनका कहना है कि भाजपा सरकार अक्सर विवादास्पद मुद्दों पर ध्यान खींचने की कोशिश करती है ताकि अपनी विफलताओं पर ध्यान न जाए। यादव ने इसे देश के लिए “सरकार-शून्यता” का समय बताया।