पटना समेत पूरे बिहार में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दाल और चावल के दाम पिछले कुछ हफ्तों से लगातार ऊपर जा रहे हैं, जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। 10 से 15 दिनों के भीतर ही बाजार में नए रेट देखने को मिल रहे हैं।

दालों के दाम में लगातार तेजी

पटना की मंसूरगंज मंडी में दालों की कीमतों में साफ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चना दाल अब 70 से 72 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो पहले 66 से 68 रुपये के बीच बिक रही थी।

अरहर दाल भी महंगी होकर 108 से 110 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। मसूर दाल में करीब 5 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि उड़द दाल अब 108 से 112 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

मूंग दाल में थोड़ी राहत

जहां बाकी दालों के दाम बढ़े हैं, वहीं मूंग दाल में हल्की गिरावट देखने को मिली है। कारोबारियों के मुताबिक नई फसल की आवक के कारण कीमतों में कमी आई है। मूंग दाल अब 90 से 92 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जो पहले 95 से 96 रुपये तक थी।

चावल बाजार में तेज उछाल

चावल की कीमतों में इस समय सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। महाराजगंज मंडी के व्यापारियों के अनुसार विभिन्न किस्मों के चावल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

सेवन स्टार चावल अब 47 से 48 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है, जबकि पहले यह करीब 40 रुपये में मिल रहा था। उसना सोनम चावल 62 से 63 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। अन्य प्रीमियम किस्मों में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

कारोबारियों के आरोप: स्टॉक और सप्लाई में गड़बड़ी

व्यापारियों का कहना है कि कुछ मिलर जानबूझकर सप्लाई को नियंत्रित कर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं। पहले माल सामान्य रूप से उपलब्ध रहता है, लेकिन बाद में अचानक स्टॉक खत्म होने की बात कहकर कीमतें बढ़ा दी जाती हैं।

निगरानी की कमी को भी इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और उपभोक्ता लगातार महंगाई की मार झेल रहे हैं।

ढुलाई लागत भी बनी कारण

व्यापारियों के अनुसार ट्रांसपोर्ट खर्च में बढ़ोतरी का असर भी कीमतों पर पड़ा है। बाहर से आने वाले माल पर प्रति क्विंटल 50 से 80 रुपये तक अतिरिक्त खर्च जुड़ रहा है। स्थानीय ढुलाई दरों में भी वृद्धि देखी जा रही है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ रहा है।