अपने बयानों से लगातार चर्चा में रहने वाले जदयू के दबंग और वरीय विधायक गोपाल मंडल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वह हाथ में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर हॉस्पिटल में दिख तो देखने वाले भी दंग रह गए। मीडिया ने जब सवाल पूछा कि आप खुले आम रिवॉल्वर लेकर क्यों घूम रहे हैं तो उन्होंने अंगिका भाषा में कहा, "हाथ म लैय के नय चलबै त भीतरी म लैय के चलबै।" कहने कहा मतलब यह था कि रिवाल्वर को हाथ नहीं रखेंगे तो क्या कमर में रखेंगे। इतना ही नहीं गोपाल मंडल ने यह भी कहा कि "पेहले चोर-बदमाश लगलो रहै छलै आब राजनीतिक लोग लागलो छै कि गोपाल मंडल एमपी नय बनै।" उनका कहना था कि जान के पीछे चोर-बदमाश लगे हुए थे और अब नेता लगे हुए है कि गोपाल मंडल सांसद नहीं बने।

पोती का सिटी स्कैन करवाने पहुंचे थे अस्पताल 
दरसअल, जदयू के गोपालपुर सीट से विधायक और पार्टी के सचेतक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल मंगलवार की शाम जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में अपनी पोती अवनि का सिटी स्कैन कराने पहुंचे थे। इसी दौरान वह रिवॉल्वर लेकर घूमते दिखे। पूछने पर कहा कि राजनीतिक लोग उनकी जान के पीछे लगे हैं इसलिए आत्मरक्षार्थ वह अपनी लाइसेंसी बंदूक को साथ लेकर घूम रहे। 

भाजपा ने पूछा- काननू कार्रवाई करने की हिम्मत है क्या
हाथ में हथियार लेकर घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इधर, भाजपा ने महागठबंधन सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी दल के विधायक भागलपुर में अस्पताल में रिवॉल्वर लेकर जाते हैं। कहीं न कहीं सिटी कराने के लिए डॉक्टरों को डराने के लिए रिवॉल्वर लेकर गए थे। जदयू विधायक को स्वास्थ मंत्री तेजस्वी यादव पर भरोसा नहीं है। यह विश्वास नहीं था कि डॉक्टर ठीक से उनकी पोती का इलाज कर पाएगी। इसलिए जनता और डॉक्टरों को धमकाने के लिए वह रिवॉल्वर लेकर गए थे। बिहार में सरकारी दल के लोग अब रिवॉल्वर से काम कर रहे हैं। उन्हें कानून पर भरोसा नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव को इसपर ध्यान देना चाहिए। क्या आप कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं? इतनी हिम्मत है?