गया। बिहार के गया में आयोजित भूमि सुधार और जनकल्याण संवाद उस समय विवादों में आ गया, जब उप मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में कार्यक्रम में अचानक तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। जनता की समस्याएं सुनने के लिए बुलाई गई बैठक कुछ ही देर में नाराजगी और विरोध के माहौल में बदल गई।
बोधगया के कन्वेंशन सेंटर में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जमीन, दाखिल-खारिज और राजस्व से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। मंच से जब मंत्री विजय सिन्हा ने यह पूछा कि उनके विभागीय प्रयासों का जमीन पर कितना असर दिख रहा है, तो लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई।
कई लोग अपनी सीटों से उठकर विरोध जताने लगे और कहा कि जिले में हालात जस के तस हैं। उनका आरोप था कि राजस्व कार्यालयों में आम लोगों की सुनवाई नहीं होती और काम बिना पैसे के आगे नहीं बढ़ता।
अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
सभा में मौजूद लोगों ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने, फाइलें दबाने और जानबूझकर मामलों को लटकाने के आरोप लगाए। महिलाओं ने भी अपनी जमीन से जुड़े मामलों को लेकर शिकायतें रखीं। लोगों का कहना था कि भले ही दूसरे जिलों में सुधार दिख रहा हो, लेकिन गया में स्थिति अब भी खराब है।
बुजुर्ग के गुस्से से और बिगड़ा माहौल
हंगामे के बीच जब अधिकारी लोगों को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक बुजुर्ग जोर से अपनी बात रखने लगे। पीछे बैठे किसी व्यक्ति के “बाबा, बैठ जाइए” कहने पर वे और भड़क गए। उन्होंने नाराजगी में तीखी प्रतिक्रिया दी, जिससे कुछ देर के लिए पूरा सभागार स्तब्ध रह गया और माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
उप मुख्यमंत्री ने दी सफाई
स्थिति को संभालते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि वह एक डॉक्टर की तरह व्यवस्था की बीमारी को देखकर उसका इलाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में किए गए फैसले नुकसानदायक हो सकते हैं, इसलिए सुधार सोच-समझकर और चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं।
सरकार ने मानी दिक्कतें
उप मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि राजस्व व्यवस्था में पुरानी खामियां हैं, जिन्हें तुरंत खत्म करना संभव नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गया समेत पूरे राज्य में प्रशासनिक सुधारों पर लगातार काम किया जा रहा है और जनता की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।