बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर पटना से लेकर राजभवन तक प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर लगातार तैयारियां चल रही हैं।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई अहम बैठकें

सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें जदयू के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। इस बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव, श्रवण कुमार और जमा खान सहित अन्य नेता मौजूद थे। बैठक में 14 अप्रैल को होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक और नई सरकार के गठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद मंत्री जमा खान ने कहा कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण तय है और इसकी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।

डिप्टी सीएम आवास पर भी हुई चर्चा

मुख्यमंत्री आवास से बैठक समाप्त होने के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा और ललन सिंह डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पहुंचे, जहां नए मंत्रिमंडल के स्वरूप और सत्ता हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन अलर्ट

शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। एयरपोर्ट, अणे मार्ग और राजभवन क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने राज्यपाल से मुलाकात कर कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व और वीवीआईपी आगमन को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं।

भाजपा और एनडीए की बैठकों पर नजर

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला भाजपा की ओर से लिया जाएगा। जदयू नेताओं के हालिया बयानों से यह संकेत मिला है कि पार्टी इस मुद्दे पर भाजपा के निर्णय का इंतजार कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि 14 अप्रैल को पहले भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में सरकार गठन को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक

सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की आखिरी बैठक भी होगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई जाएगी, जिसके बाद मौजूदा सरकार का औपचारिक कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।