पटना में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों का यह पहला बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन माना जा रहा है, जिसे लेकर संगठन के भीतर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बैठक शुरू होने से पहले कहा कि संगठनात्मक चुनावों के पूरा होने के बाद यह जदयू की पहली राष्ट्रीय बैठक है। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर उनके नाम की औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को भी एक बार फिर संगठन की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर मुहर लग सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दोपहर बाद बैठक में शामिल होने की संभावना है।
बैठक में देशभर से आए पार्टी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि यह आयोजन संगठन के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीतिक और सामाजिक विरासत हमेशा देश को नई दिशा देती रही है और ऐसे माहौल में राष्ट्रीय परिषद की बैठक आयोजित होना गौरव की बात है।
वहीं, मोकामा से विधायक अनंत सिंह भी बैठक में शामिल होने पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बैठक के बाद ही चर्चा के विषयों पर कुछ कहा जा सकेगा। इसके बाद उन्होंने अन्य सवालों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
बैठक की एक और खास बात यह है कि इसमें पहली बार स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि हालिया विधानसभा चुनाव में जदयू का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। एनडीए गठबंधन की सफलता के साथ-साथ जदयू ने भी बड़ी संख्या में सीटें जीतकर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है। ऐसे में यह बैठक आगामी रणनीतियों और संगठन को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।