गोपालगंज जिले के कुचायकोट क्षेत्र से एक बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय, उनके भाई सतीश पाण्डेय समेत तीन लोगों के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है। इन सभी पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जमीन कब्जाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, एक अप्रैल को कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में स्थित करीब 93 एकड़ जमीन को लेकर विवाद सामने आया था। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार कुछ लोग मौके पर पहुंचे और जमीन की देखरेख कर रहे मैनेजर जितेंद्र कुमार राय को धमकाया। पीड़ित मैनेजर मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव के रहने वाले हैं। आरोप है कि उन्हें जमीन खाली करने की धमकी दी गई और इसी दौरान फायरिंग भी की गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और सिवान जिले के बलेथा बाजार निवासी भोला पाण्डेय, गुड्डू कुमार, दीपक कुमार राम और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया था।
मामले में सिधवलिया थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी राहुल तिवारी पर भी भू-माफियाओं को समर्थन देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, इस केस में विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय, उनके भाई सतीश पाण्डेय और राहुल तिवारी फिलहाल फरार चल रहे हैं।
पुलिस ने कोर्ट में फरारी रिपोर्ट दाखिल कर वारंट जारी करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद अदालत ने तीनों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है।
एसपी विनय तिवारी ने कहा है कि भू-माफियाओं को संरक्षण देने या अपराधियों को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी।
इधर, पुलिस ने जिले में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, करीब एक दर्जन ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो जेल से बाहर आने के बाद दोबारा जमीन कब्जाने जैसी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। उनके खिलाफ लगातार छापेमारी जारी है।