जहानाबाद में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर न्याय की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।

उपमुख्यमंत्री ने परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली और कहा कि सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात सामने आता है, तो केस को सीबीआई को सौंपने में भी सरकार पीछे नहीं हटेगी।

एसआईटी की जांच पर उठे सवाल

परिजनों ने आरोप लगाया कि जांच कर रही एसआईटी टीम उनके साथ अनुचित व्यवहार कर रही है। परिवार का कहना है कि पहले टीम दिन में बार-बार घर आती थी, अब रात में भी पूछताछ की जा रही है और रिश्तेदारों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। इससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।

मुख्यमंत्री खुद कर रहे निगरानी

विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। एसआईटी की जांच की निगरानी डीजीपी स्तर से की जा रही है और सरकार हर जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। एक होनहार छात्रा की मौत केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। सरकार की प्राथमिकता है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

इस मौके पर अरवल के भाजपा विधायक मनोज शर्मा, घोसी विधायक ऋतुराज कुमार, भाजपा एमएलसी अनिल शर्मा, पूर्व एमएलसी राधामोहन शर्मा, जिला परिषद सदस्य अजय सिंह टुन्नु सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।