मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद निर्वाचित हो चुके हैं और मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं। हालांकि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन नीतीश ने जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद अपने पास रखने का फैसला किया है।
संजय झा ने किया नामांकन दाखिल
नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने शुक्रवार को नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल किया। उन्होंने बताया कि समृद्धि यात्रा में व्यस्त होने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद नामांकन दाखिल करने के लिए नहीं आ सके।
पहले ललन सिंह से वापस ली अध्यक्ष की कमान
नीतीश कुमार लंबे समय तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। बाद में उन्होंने यह जिम्मेदारी आरसीपी सिंह को सौंपी थी। जब आरसीपी सिंह को पार्टी से हटाने की तैयारी हुई, तब राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। ललन सिंह के समय जदयू भाजपा से अलग हुई थी।
2023 के अंत में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में वापसी से पहले नीतीश कुमार ने ललन सिंह से पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी वापस अपने पास ले ली। इसके बाद जनवरी 2024 में जदयू फिर से एनडीए का हिस्सा बन गई।
नीतीश कुमार फिर से संभालेंगे अध्यक्ष पद
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही यह तय था कि नीतीश कुमार ही इस पद पर होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च है और नाम वापसी की तारीख 24 मार्च तक है।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अब तक केवल नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल हुआ है। नामांकन की जांच 23 मार्च को होगी। यदि 22 मार्च तक किसी और ने नामांकन नहीं किया, तो 24 मार्च को औपचारिक रूप से नीतीश कुमार को पुनः अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा। किसी अन्य नामांकन की स्थिति में चुनाव 27 मार्च को होंगे, हालांकि इसके होने की संभावना कम बताई जा रही है।