मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा का आज दूसरा दिन है। अररिया में आयोजित जनसभा में उन्होंने महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर विपक्ष पर तीखी टिप्पणियां कीं। बिना किसी का नाम लिए, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की नीतियों पर कटाक्ष किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के शासनकाल में महिलाओं के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। उन्होंने याद दिलाया कि सत्ता में सात साल रहने के बावजूद महिलाओं के लिए कोई विशेष पहल नहीं हुई। व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने कहा, “जब पद से हटे, तो अपनी ही बेटी को आगे कर दिया, लेकिन राज्य की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया गया।”
नीतीश कुमार ने इसके विपरीत अपने शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि बिहार में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं प्रशासनिक और अन्य सरकारी सेवाओं में शामिल हुईं। इसके अलावा, पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाई गई।
कानून और विकास में सुधार का दावा
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब उनकी सरकार बनी थी, उस समय राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति नाजुक थी और अपराध का माहौल था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कानून का राज स्थापित किया और बिहार को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया। उन्होंने दावा किया कि आज बिहार में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
अररिया के लिए बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने अररिया में कुल 68 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत लगभग 545.89 करोड़ रुपये है। इसमें 330.60 करोड़ रुपये की छह नई परियोजनाओं का शिलान्यास और 157.16 करोड़ रुपये की 60 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। ये परियोजनाएं मुख्य रूप से सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सरकारी भवनों का निर्माण, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचा विकास से जुड़ी हैं।