पटना: बिहार दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर उन्हें और राज्य के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पत्र में पीएम मोदी ने लिखा कि बिहार दिवस न केवल राज्य के समृद्ध इतिहास और परंपराओं का उत्सव है, बल्कि यह भारत में बिहार के अमूल्य योगदान को याद करने का अवसर भी है।

बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती ने प्राचीन काल से ही ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को समृद्ध किया है। उन्होंने गौतम बुद्ध के विचारों और चाणक्य जैसे महान कूटनीतिज्ञ के योगदान को याद करते हुए कहा कि इस भूमि ने भारत के संगठन और प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बिहारवासियों ने देश और दुनिया में अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि सूरत के विकास में बिहारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और बिहार की संस्कृति मॉरीशस, गुयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो में भी जीवंत है। उन्होंने छठ महापर्व को बिहार की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख उदाहरण बताया।

स्वतंत्रता संग्राम और लोकतांत्रिक योगदान

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार ने स्वतंत्रता संग्राम और लोकतंत्र के निर्माण में विशेष योगदान दिया है। उन्होंने चंपारण सत्याग्रह, राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा, जगजीवन राम और जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिलने का भी उल्लेख किया।

विकास योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40 लाख से अधिक घर बने हैं, उज्ज्वला योजना के तहत 1 करोड़ 20 लाख से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन मिला है और सौभाग्य योजना के माध्यम से घर-घर बिजली पहुंचाई गई।

किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि किसान इस बदलाव के केंद्र में हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के किसानों को 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में दी गई है। उन्होंने बिहार की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं और 31 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

स्थानीय उत्पाद और शिक्षा क्षेत्र में पहल

प्रधानमंत्री ने बिहार के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल का जिक्र किया। मखाना जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए नेशनल मखाना बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय को बिहार की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए इसे नई पहचान देने की दिशा में प्रयासों का उल्लेख किया।

कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में रेल और हवाई संपर्क में तेजी से सुधार हुआ है। पटना हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल, दरभंगा और पूर्णिया में नए टर्मिनल भवन और औंटा-सिमरिया पुल परियोजना की उद्घाटन जैसी उपलब्धियां विकास की मिसाल हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और सुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका प्रयास राज्य में विश्वास, स्थिरता और प्रगति की नई धारा लेकर आया है। उन्होंने लिखा कि आज का बिहार अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री नीतीश का आभार

प्रधानमंत्री द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि,
"प्रधानमंत्री मोदी को बिहार दिवस पर स्नेहपूर्ण संदेश और राज्य की प्रगति की सराहना के लिए बिहारवासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद। केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त है और बिहार अब और विकसित होकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।"