पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा रुख अपनाया है। गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य सरकार ने स्वीकार किया है कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का है।
शनिवार सुबह सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस गंभीर घटना की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्र सरकार से CBI जांच की सिफारिश की है, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने CBI जांच की सिफारिश की
नीतीश कुमार ने कांड संख्या-14/26 के तहत दर्ज इस मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है, जिसमें पारदर्शी और स्वतंत्र जांच जरूरी है ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि CBI जांच से न केवल मामले का जल्द खुलासा होगा, बल्कि किसी भी तरह की साजिश या लापरवाही भी उजागर होगी।
इस घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल है और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
SIT की रिपोर्ट पर हुई उच्चस्तरीय बैठक
इससे पहले शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई थी। यह बैठक उनके आवास पर आयोजित की गई, जिसमें मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, पटना के आईजी और विशेष जांच टीम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में अब तक की जांच की विस्तृत समीक्षा की गई और दोषियों तक पहुंचने के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
तेज और वैज्ञानिक जांच के आदेश
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसआईटी को निर्देश दिया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को तेज किया जाए और जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाई जाए।
इससे पहले डीजीपी विनय कुमार भी पुलिस अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर चुके हैं, जिसमें जांच की दिशा और रणनीति पर चर्चा हुई थी।