पटना। 25 जनवरी को तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। अब इस फैसले पर तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने तीखा और भावनात्मक बयान देकर नई बहस छेड़ दी है।

तेजस्वी यादव ने यह पद अपने पिता लालू प्रसाद यादव से संभाला है, जो वर्ष 1997 में पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। संगठन में इस बदलाव के साथ ही रोहिणी आचार्य ने 27 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबा पोस्ट साझा किया।

उन्होंने लिखा कि पार्टी और लालू प्रसाद यादव के लिए किसने कितना योगदान दिया है, इसका आकलन हाल के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजों से साफ झलकता है। रोहिणी का आरोप है कि जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने और उनके कथित सलाहकारों ने पार्टी के सच्चे कार्यकर्ताओं के वर्षों के संघर्ष को नजरअंदाज कर संगठन को कमजोर कर दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर उठ रहे सवाल नए नहीं हैं, बल्कि पहले भी सामने आते रहे हैं और आगे भी उठते रहेंगे। रोहिणी ने चुनौती देते हुए लिखा कि अगर नेतृत्व में नैतिक साहस है तो उसे खुले मंच पर इन सवालों का जवाब देना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सच से कौन बच रहा है और कौन ईमानदारी से जवाब देने को तैयार है।

समीक्षा रिपोर्ट पर सवाल
रोहिणी आचार्य ने पार्टी के अंदर की कथित समीक्षा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में यह नाराजगी है कि जिन लोगों को लालू यादव को नजरअंदाज कर प्रमुख जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने संगठन के लिए वास्तव में क्या किया। साथ ही उन्होंने पूछा कि समीक्षा के नाम पर किए गए दिखावे का क्या परिणाम निकला, रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और जिन पर उसमें सवाल उठे, उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

पहले भी साध चुकी हैं निशाना
इससे पहले 25 जनवरी को भी रोहिणी ने बिना नाम लिए तेजस्वी पर कटाक्ष किया था। उन्होंने उस दिन एक पोस्ट में लिखा था कि राजनीति के एक बड़े दौर के अंत के साथ “कठपुतली बने शहजादे” की ताजपोशी हो रही है, जो कुछ खास लोगों के इशारे पर काम कर रहे हैं।

रोहिणी का कहना है कि आज जिस पार्टी को कभी जनता की आवाज माना जाता था, उसकी असली कमान ऐसे लोगों के हाथों में चली गई है, जिन पर संगठन को भीतर से कमजोर करने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने इसे पार्टी के लिए गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताया।