बिहार के गया में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब जनसुराज पार्टी से जुड़े नेता रामाधार सिंह का स्थानीय जनता ने जोरदार विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि मंच पर मौजूद बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने सुरक्षा टीम को कड़ा निर्देश देते हुए रामाधार सिंह को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालने का आदेश दिया।

भूमि विवाद के आरोपों से गूंजा कार्यक्रम स्थल
रामाधार सिंह के कार्यक्रम स्थल पहुंचते ही लोग उनके खिलाफ "भूमाफिया मुर्दाबाद" के नारे लगाने लगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेता क्षेत्र में अवैध जमीन कब्जा और विवादों में शामिल रहते हैं। लोगों के नारेबाजी के कारण कार्यक्रम की कार्यवाही बाधित हो गई। इस दौरान रामाधार सिंह ने मंच से अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन पर कोई केस नहीं है और वे गरीब लड़कियों का विवाह कराने जैसे सामाजिक कार्यों में शामिल हैं। लेकिन भीड़ के दबाव में उन्हें हॉल से बाहर कर दिया गया।

डिप्टी CM ने दिखाई सख्ती
हंगामे को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंच से ही स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे तत्वों के लिए सरकारी कार्यक्रमों में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों को आदेश दिया कि रामाधार सिंह को तुरंत बाहर किया जाए। "यहां भूमाफिया जैसे लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा," उन्होंने कहा। आदेश के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया।

सोशल मीडिया और राजनीतिक गतिविधियां भी विवाद में
रामाधार सिंह अपनी राजनीतिक गतिविधियों के अलावा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के लिए भी चर्चा में रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं की बजाय रील और वीडियो बनाने में अधिक समय देते हैं। विरोध करने वाले लोग उन्हें क्षेत्र का जमीन माफिया बताते हैं। कहा जा रहा है कि पहले वह जनसुराज पार्टी के साथ थे, लेकिन विधायक का टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और बाद में निर्दलीय चुनाव लड़ा।