बिहार सरकार ने राज्य के कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बड़ा बदलाव किया है। राज्य स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति की ताजा रिपोर्ट और खुफिया इनपुट्स के आधार पर यह फैसला लिया गया। इस बदलाव से विपक्ष के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को झटका लगा है। उन्हें पहले दी जा रही 'Z' श्रेणी की सुरक्षा अब घटाकर 'Y+' कर दी गई है। वहीं सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों का सुरक्षा कवच और मजबूत किया गया है।
तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती
सुरक्षा समिति की सिफारिश के बाद तेजस्वी यादव की सुरक्षा कम कर दी गई है। अब उन्हें पहले के 22 सुरक्षा कर्मियों वाले Z श्रेणी की सुरक्षा नहीं बल्कि Y+ श्रेणी दी जाएगी। इसके साथ ही तीन अन्य वरिष्ठ नेताओं—मदन मोहन झा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और राजेश राम—की सुरक्षा भी पूरी तरह वापस ले ली गई है।
भाजपा और केंद्र के नेताओं का सुरक्षा कवच मजबूत
वहीं, सत्ता पक्ष के नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता और बिहार सरकार के मंत्री अब अधिक कड़े सुरक्षा घेरे में होंगे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और नितिन नवीन को अब Z श्रेणी की सुरक्षा मिली है। कई नेताओं को Y से Y+ श्रेणी में अपग्रेड किया गया है, ताकि सुरक्षा मानकों के अनुरूप उनका संरक्षण सुनिश्चित हो।
Z और Y+ श्रेणी में क्या अंतर है?
Z श्रेणी सुरक्षा में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं, जिसमें 4-5 एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल होते हैं। वहीं Y+ श्रेणी में 11 सुरक्षा कर्मी तैनात होते हैं, जिसमें 1-2 कमांडो के अलावा 2 निजी सुरक्षा अधिकारी और अन्य जवान शामिल होते हैं।
इस बदलाव के बाद बिहार की राजनीतिक सुरक्षा संरचना में बड़ा फेरबदल देखा जा रहा है, जिसमें सत्ता पक्ष के नेताओं की सुरक्षा और बढ़ाई गई है जबकि विपक्ष की सुरक्षा सीमित कर दी गई है।