पटना। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच राजद सांसद सुधाकर सिंह के बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कई अहम सुझाव और टिप्पणियां की हैं।
सुधाकर सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को अपने उत्तराधिकारी का चयन अपनी ही पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर से करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार से जुड़े फैसले राज्य के बाहर यानी दिल्ली में तय नहीं होने चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभी कहना जल्दबाजी होगी कि नीतीश कुमार इस्तीफा देने जा रहे हैं, क्योंकि संवैधानिक रूप से उनके पास मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए अभी छह महीने का समय है। इस्तीफे को लेकर अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा।
राजद सांसद ने जोर देते हुए कहा कि बिहार का नेतृत्व बिहार के भीतर ही तय होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दबाव में बाहर से हस्तक्षेप के जरिए। उन्होंने 1990 से पहले के राजनीतिक दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री का चयन दिल्ली से होता था, जिसे बदलने के लिए लालू प्रसाद यादव ने संघर्ष किया था।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार वर्तमान में मजबूरी में भारतीय जनता पार्टी के साथ सत्ता साझा कर रहे हैं। सुधाकर सिंह के अनुसार, यदि जदयू से ही मुख्यमंत्री बनता है तो ही यह माना जाएगा कि निर्णय दबाव या मजबूरी में नहीं लिया गया है।