दिल्ली में तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी के चलते वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा गया। बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 249 दर्ज किया गया, जो हवा की खराब श्रेणी में आता है। मंगलवार की तुलना में यह 35 अंकों की गिरावट है।

एनसीआर में गुरुग्राम की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही, यहां एक्यूआई 264 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा में 232, ग्रेटर नोएडा में 247 और गाजियाबाद में 246 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। इन सुधारों के चलते ग्रेप-2 के तहत लागू कई प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।

फरीदाबाद में सबसे साफ हवा

फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता बेहतर रही, यहां एक्यूआई 166 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 12 किमी/घंटे की रफ्तार से चली। अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 3000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। शाम चार बजे हवा में पीएम10 का स्तर 205.6 और पीएम2.5 का स्तर 99.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार तक हवा की गुणवत्ता फिर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है।

ग्रेप-2 के तहत हटाए गए प्रतिबंध

ग्रेप-2 के दौरान दिल्ली और एनसीआर में ये पाबंदियां लागू थीं:

  • आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों में डीजल जनरेटर पर रोक

  • पार्किंग शुल्क बढ़ाना और सड़क पर निजी वाहनों का दबाव कम करना

  • सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के साथ मेट्रो के फेरे बढ़ाने के निर्देश

  • आपातकालीन सेवाओं के लिए डीजल जनरेटर का इस्तेमाल अनुमति के साथ

सीएक्यूएम ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और निजी वाहन छोड़ने की अपील की थी।