नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के तीसरे दिन तकनीक और नवाचार के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत ने भी सभी का ध्यान खींचा। भारत मंडपम में आयोजित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनियाभर के प्रतिनिधियों ने भारतीय कला, संगीत और परंपराओं का आनंद लिया। विदेशी मेहमानों ने इस रंगारंग कार्यक्रम की खूब सराहना की। इस आयोजन ने दुनिया के सामने तकनीक और संस्कृति के अद्भुत मिश्रण को पेश किया।

यह समिट दक्षिण एशिया में आयोजित होने वाला पहला बड़ा एआई सम्मेलन है, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ शामिल हैं। समिट का उद्देश्य एआई के माध्यम से आर्थिक विकास, सतत प्रगति और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहयोग को बढ़ावा देना है। इसे इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के तहत वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने लिया हिस्सा

समिट में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी शामिल हुए। उनका दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने स्वागत किया। यह समिट दुनिया भर के नेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाता है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर चर्चा हो रही है।

पीएम मोदी ने किया दुनियाभर के नेताओं का स्वागत

समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में दुनिया भर से आए नेताओं का स्वागत किया। इस सम्मेलन में एआई पर वैश्विक सहयोग और नीति निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जिन नेताओं का स्वागत किया उनमें शामिल हैं:

  • स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज

  • स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी

  • कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्जास बेक्टेनोव

  • फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो

  • श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके

  • एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस

इसके अलावा, मॉरीशस, भूटान, सेशेल्स, नीदरलैंड्स, ग्रीस और क्रोएशिया के नेता भी शामिल हुए। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरफ से संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भी समिट में भाग लिया।

सुनक का बयान: भारत एआई में नेतृत्व करने के लिए तैयार

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि भारत के पास विशाल प्रतिभा पूल और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो देश को एआई के क्षेत्र में नेतृत्व करने और इसे समाज में बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए बेहतर स्थिति में रखता है। सुनक ने समिट के संवादात्मक सत्र में बताया कि दुनियाभर में एआई को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। भारत में इस पर उम्मीद और भरोसा ज्यादा है, जबकि पश्चिमी देशों में चिंता अधिक है।

गौरतलब है कि यह समिट 16 से 20 फरवरी 2026 तक चल रहा है और इसे पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस के तीन स्तंभों पर आयोजित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही भारत एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन कर चुके हैं और 19 फरवरी को वे उद्घाटन भाषण देंगे।