नीमका जेल के बैरक सुरक्षा वार्ड नंबर 3बी साइड में चक्की नंबर-2 में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या राम मंदिर के प्रति आस्था को लेकर की गई। चार दिन के रिमांड पर चल रहे आरोपी अरुण चौधरी ने अपराध शाखा की पूछताछ में यह खुलासा किया।

अरुण चौधरी ने कबूला कि जब उसे पता चला कि अब्दुल रहमान राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल था, तो वह गुस्से से भर गया। उसने मन बना लिया कि मौका मिलने पर वह अब्दुल रहमान की हत्या करेगा।

हत्या में इस्तेमाल हुआ पत्थर

पूछताछ में अरुण ने बताया कि अब्दुल रहमान ने चक्की में एक बेंच पर कील ठोकने के लिए पत्थर लाया था। कील ठोकने के बाद पत्थर वहीं छोड़ दिया गया। अरुण ने वही पत्थर हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। रविवार 8 फरवरी की देर रात उसने इसी पत्थर से वार कर अब्दुल रहमान की हत्या कर दी।

चक्की में अन्य कैदी और बदलाव

अभियुक्त ने यह भी बताया कि सुरक्षा कारणों और गंभीर अपराधों में शामिल होने के चलते, अरुण चौधरी, अब्दुल रहमान और सोएब रियाज को शुरू से ही चक्की में रखा गया था। समय-समय पर ऐसे कैदियों की चक्की बदली जाती है। 23 जनवरी को चक्की में बदलाव हुआ और इन तीनों को एक ही चक्की में रखा गया।

हत्या की वारदात के समय सोएब रियाज भी चक्की में मौजूद था। सोएब रियाज जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और उस पर सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी का केस दर्ज है। वह मार्च 2025 में जम्मू-कश्मीर की जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल लाया गया था।