दिल्ली के आईआईटी परिसर में गुरुवार को बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र हर्षित स्वामी ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। यह जानकारी उनके साथी छात्रों ने संस्थान के सुरक्षा प्रभारी को दी। दक्षिण-पश्चिमी जिले के किशनगढ़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्र के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि हर्षित स्वामी सिविल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रहे थे और न्यू विंध्याचल अपार्टमेंट में रहते थे। गुरुवार सुबह करीब 8.35 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि छात्र ने फांसी लगा ली है। किशनगढ़ थाना के पुलिस अधिकारी और उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंचे। छात्र अपने कमरे में छत के पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका पाया गया। आईआईटी दिल्ली अस्पताल के डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हर्षित अपनी मां के साथ अपार्टमेंट में रह रहे थे। उनकी मां 10 मार्च को अपने पैतृक घर गई थीं। पुलिस के अनुसार, मां से उनकी आखिरी बातचीत 11 मार्च की रात लगभग 11 बजे हुई थी। गुरुवार सुबह जब छात्र फोन का जवाब नहीं दे रहे थे, तो अपार्टमेंट में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति ने सुरक्षा कर्मचारियों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला। इसके बाद क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया और मामले की बारीकी से जांच की गई।

पुलिस ने बताया कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतक के पिता का बयान भी दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने किसी साजिश या संदेह की बात से इनकार किया। शव का पोस्टमार्टम सफदरजंग अस्पताल में कराया गया और बाद में परिजनों को सौंपा गया। आईआईटी दिल्ली के सुरक्षा अधिकारी ने लिखित शिकायत दर्ज करवाई, और किशनगढ़ थाना ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

आईआईटी दिल्ली का बयान
संस्थान ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। आईआईटी दिल्ली ने कहा कि प्रथम वर्ष के इस छात्र की असमय मृत्यु से वे स्तब्ध हैं। संस्थान पुलिस जांच के साथ सहयोग कर रहा है और शोक संतप्त परिवार को हर संभव मदद प्रदान कर रहा है।