दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जो व्हाट्सएप कॉल के जरिए लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते थे।
अतिरिक्त डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि यह गिरोह व्हाट्सएप पर लोगों से संपर्क कर उन्हें आकर्षक निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए मनाते थे। मामले की शुरुआत सात नवंबर 2025 को प्राप्त एक शिकायत के आधार पर हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी, डिजिटल फोरेंसिक और पैसों के लेन-देन के विश्लेषण के जरिए टीम ने खुलासा किया कि सिर्फ 14 दिनों में गिरोह ने चार करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांज़ैक्शन किया।
जांच में यह भी पता चला कि सभी संदिग्ध बैंक खाते राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की शिकायतों से जुड़े हुए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था।
पुलिस ने तेलंगाना, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मुख्य संचालक कंबोडिया में था और वहीं से धोखाधड़ी का संचालन कर रहा था। आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।