दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राजधानी में भवन निर्माण से जुड़ी मंजूरी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम (OBPS) के तहत सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की शुरुआत की है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एलजी तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य शहरी विकास प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।
नई प्रणाली के तहत अब भवन निर्माण से संबंधित सभी आवेदन, नक्शे और आवश्यक एनओसी एक ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा किए जा सकेंगे। इससे आवेदकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी हो सकेगी।
इस सिस्टम में आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नक्शा जांच, ऑटोमेटेड कंप्लायंस चेक और जियो-टैग्ड मोबाइल निरीक्षण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे न केवल प्रक्रिया की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप भी कम होगा।
आवेदक अब अपने आवेदन की स्थिति को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। शुल्क का भुगतान भी पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट सीधे घर बैठे प्राप्त किया जा सकेगा।
इस पहल को भ्रष्टाचार और देरी पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था से लालफीताशाही कम होने और सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
डीडीए और एलजी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस प्रणाली की नियमित समीक्षा करेंगे, ताकि नागरिकों को बिना किसी बाधा के तेज, पारदर्शी और सरल सेवाएं मिलती रहें।