प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में ईंधन और संसाधनों के सोच-समझकर उपयोग की अपील का असर अब महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों में भी देखने को मिल रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से सादगी अपनाने और ईंधन की बचत करने का आग्रह किया था।
इस अपील के बाद महाराष्ट्र में कई नेताओं ने अपने स्तर पर अहम निर्णय लिए हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने अपने परिवार के साथ प्रस्तावित यूरोप दौरे को पूरी तरह रद्द कर दिया है। यह यात्रा लंदन, पेरिस और एम्स्टर्डम जैसे शहरों की थी, जिसकी योजना उन्होंने करीब तीन महीने पहले बनाई थी। लेकिन प्रधानमंत्री की अपील के बाद उन्होंने इसे राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए निरस्त कर दिया।
इसी तरह राज्य के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने प्रशासनिक कार्यों में बदलाव करते हुए अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों को अब अधिकतर वर्चुअल मोड में करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ईंधन की खपत कम करने के लिए सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग पर भी जोर दिया है।
वहीं, भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने भी ईंधन बचत को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह कदम न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि प्रधानमंत्री की सादगी और बचत की अपील के अनुरूप भी है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश को सतर्क रहने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी है। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, वर्चुअल बैठकों, डिजिटल शिक्षा और अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने पर भी जोर दिया है, ताकि देश की ऊर्जा और विदेशी मुद्रा दोनों की बचत हो सके।