नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करने जा रही हैं। बजट सत्र की शुरुआत परंपरागत ‘खीर सेरेमनी’ के साथ हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने मंत्रियों परवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा और अन्य अधिकारियों के साथ स्कूली छात्राओं को खीर खिलाई।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “बजट 2026-27 दिल्ली के विकास की गति को और तेज करेगा। यह लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और शहर की समग्र प्रगति को बढ़ाने वाला होगा।”

आम आदमी पार्टी ने बजट सत्र का किया बहिष्कार

वहीं, विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने बजट सत्र के पहले दिन सदन का बहिष्कार किया। पार्टी ने विरोध किया कि पिछले शीतकालीन सत्र से निलंबित चार विधायकों को अब तक बहाल नहीं किया गया है।

विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा, “विधानसभा में विपक्ष की भूमिका सरकार को जनता के मुद्दों से अवगत कराना है। पिछले एक साल में भाजपा ने विपक्ष की आवाज दबाने के अलावा कुछ नहीं किया। जब विपक्ष को बोलने का मौका नहीं मिलता, तो सत्र बुलाने का क्या मतलब है?”

बजट से पहले सरकार ने दिए बड़े संकेत

सरकार ने इस बार अपने बजट में महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रदूषण नियंत्रण और आधुनिक परिवहन पर विशेष ध्यान देने के संकेत दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, बजट का बड़ा हिस्सा महिला स्वास्थ्य योजनाओं, अस्पतालों की सुविधाओं को मजबूत करने और नई स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत पर खर्च किया जा सकता है।

बजट का आकार और अपेक्षाएं

पिछले साल 2025-26 में दिल्ली का बजट 1 लाख करोड़ रुपये का था, जो इससे पहले के 76,000 करोड़ रुपये से 31.5 प्रतिशत अधिक था। इस बार यह बजट इससे भी बड़ा हो सकता है। सरकार की तैयारियों और संकेतों ने आम जनता की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।