दिल्ली ने लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई क्षेत्र में देशभर में अपनी स्थिति और मजबूत की है। लीड्स 2025 इंडेक्स में राजधानी को सर्वोच्च ‘एक्सेम्प्लर’ श्रेणी में स्थान मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को एक आधुनिक, तकनीक-आधारित और पर्यावरण अनुकूल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में ग्रीन वेयरहाउसिंग, फ्रेट कॉरिडोर और मेट्रो-कार्गो जैसी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
दिल्ली को मिला शीर्ष स्थान
मुख्यमंत्री के अनुसार लीड्स 2025 इंडेक्स में दिल्ली को देश की सबसे ऊंची ‘एक्सेम्प्लर’ श्रेणी प्राप्त हुई है, जो राजधानी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इसे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सिस्टम और मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का परिणाम बताया।
दिल्ली ने 2023 और 2024 में ‘अचीवर’ श्रेणी में रहने के बाद इस बार शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह इंडेक्स राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन लॉजिस्टिक्स सेवाओं, आधारभूत संरचना, डिजिटल इंटीग्रेशन, नियामकीय व्यवस्था और स्थिरता जैसे मानकों पर करता है।
सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार
सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत दिल्ली का सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। इससे शहरी माल परिवहन और अंतिम चरण की डिलीवरी प्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी।
पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर 46 में से 38 अनिवार्य लेयर्स का इंटीग्रेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि 317 अतिरिक्त लेयर्स भी जोड़ी गई हैं। इसके साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम और यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) के जरिए निवेश और अनुमति प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।
बड़े प्रोजेक्ट से बढ़ेगी लॉजिस्टिक्स क्षमता
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो फेज-4, यूईआर-2, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और आरआरटीएस नमो भारत कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट राजधानी को मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बदल रहे हैं।
डीएमआरसी द्वारा ब्लू डार्ट के साथ शुरू किया गया मेट्रो-कार्गो पायलट प्रोजेक्ट भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत रात और गैर-पीक घंटों में पार्सल ढुलाई की जा रही है।
नई नीतियों पर सरकार का फोकस
सरकार जल्द ही वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2025 लागू करने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य ट्रैफिक दबाव और माल ढुलाई की अव्यवस्था को कम करना है। इसके तहत ग्रीन वेयरहाउसिंग, डिजिटल फ्रेट सिस्टम और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे।
इसके अलावा फ्रेट कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी है, जिससे भारी मालवाहक वाहनों को सामान्य ट्रैफिक से अलग किया जा सकेगा। मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के आसपास मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब बनाए जाएंगे, जिनमें इलेक्ट्रिक फीडर सेवाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर भी काम कर रही है, साथ ही लॉजिस्टिक्स सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।